महाराष्ट्र के रत्नागिरी तालुका से एक हैरान कर देना वाला मामला सामने आया है. दरअसल, जंभारी फाटा में 19 मई एक बेहद ही चौंकाने वाला हादसा हुआ है. पूरा इलाका इस मामले के बाद सहमा हुआ है. दरअसल, हमेशा की तरह सुबह के समय जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गई महिला देसी बम की चपेट में आ गई है. हालांकि, उससे भी ज्यादा हैरान कर वाली बात तो यह हैं कि तालाशी के दौरान में उस जंगल का हाल कुछ अलग ही था. महिला की पहचान जंभारी फाटा की रहने वाली 45 वर्षीय रेशमा प्रमोद सुर्वे के रुप में की गई है.
प्राथमिक इलाज कर मुंबई में रेफर
जानकारी के अनुसार, महिला हमेशा की तरह जंगल से लकड़ी लेने के लिए गई हुई थी. हालांकि, यह सुबह हर सुबह से बिल्कुल अलग थी. उन्हें लड़की इकट्ठा करते समय एक संदिग्ध वस्तु मिली. जैसे ही उन्होंने उसे उठाने की कोशिश की, उस संदिग्ध वस्तु में विस्फोट हो गया. इस धमाके की वजह से रेशमा की उंगलियां पूरी तरीके से झुलस गई. स्थानीय लोग रेशमा को तुरंत रत्नागिरी के जिला अस्पताल में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज कर महिला को मुंबई में रेफर कर दिया.
20 से 25 जिंदा बम बरामद
मामले की जानकारी मिलते ही जयगढ़ थाना की पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की छानबीन की गई है. छानबीन के दौरान पुलिस भी दंग रह गई. दरअसल, इलाके से 20 से 25 जिंदा बम बरामद हुए. इतने जिंदा कारतूस मिलने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं. आखिर किसने वहां पर इतने बड़े पैमाने पर देशी बम रखे. पूरे इलाके को सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए सील कर दिया गया है.
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