भारत अपनी सैन्य ताकतों को लगातार मजबूत कर रहा है. जिसके चलते अब भारत में बना हुआ एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव का नया और एडवांस्ड नागरिक वर्जन ध्रुव-NG (Dhruv Next Generation) अपनी पहली उड़ान भरने जा रहा है. ध्रुव-NG अपनी पहली उड़ान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की बेंगलुरु में मौजूद फैसिलिटी में कल यानी मंगलवार को भरेगा.
क्यों बनाया गया है ध्रुव-NG?
भारत के इस स्वदेशी हेलिकॉप्टर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बनाया है. यह हेलिकॉप्टर कल एक नया इतिहास लिखने जा रहा है. ध्रुव-NG को खास तौर से मेडिकल सेवाओं और ऑफशोर ऑपरेशंस के साथ में आपदा राहत के उद्देश्य से बनाया गया है. HAL के अधिकारियों का कहना है कि यह हेलिकॉप्टर जब सफल उड़ान भरेगा, तो उसके बाद भारत भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा, जो सिविल हेलिकॉप्टरों के निर्माता हैं.
उड़ान के बाद शुरू होगी टेस्टिंग
HAL द्वारा बनाया गया यह स्वदेशी हेलिकॉप्टर कल अपनी पहली उड़ान भरने जा रहा है. ध्रुव-NG की सफल उड़ान के बाद में इसकी टेस्टिंग शुरू हो जाएगी. जिसके बाद में यह हेलिकॉप्टर जल्दी ही सेना और नागरिकों के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएगा. यह हेलिकॉप्टर भारत के पुराने ध्रुव हेलिकॉप्टर का अपग्रेडेड वर्जन है. इस हेलिकॉप्टर को बनाते समय कई तकनीकी सुधार किए गए हैं.
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ध्रुव-NG की खासियतें
इस हेलिकॉप्टर में एडवांस्ड ग्लास कॉकपिट मौजूद है, जिससे पायलट इसे उड़ाते समय बेहतर ढंग से कंट्रोल और बाकी जानकारियां ले पाएगा. इस हेलिकॉप्टर में वाइब्रेशन कम करने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है. इसी के साथ में हादसे की स्थिति में बेहतर सुरक्षा के लिए इसलमें क्रैशवर्दी स्ट्रक्चर और सीटें लगाई गई हैं. इस हेलिकॉप्टर में सेल्फ सीलिंग फ्यूल टैंक मौजूद है. जिससे आग लगने का खतरा काफी कम हो जाएगा.
किन कामों में इस्तेमाल किया जाएगा ध्रुव-NG?
इस हेलिकॉरप्टर को भारत की HAL कंपनी ने बनाया है. यह हेलिकॉप्टर कठिन इलाकों में मरीजों को तुरंत अस्पताल ले जाने में काफी मदद करेगा. इसका इस्तेमाल समंदर में तेल-गैस प्लेटफॉर्म्स तक सामान और कर्मचारियों को पहुंचाने के लिए किया जाएगा. ध्रुव-NG का इस्तेमाल बाढ़ या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य में किया जाएगा. यह हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में काफी बड़ा कदम माना जा रहा है.
