भारतीय नौसेना की ताकत में काफी मजबूती आने जा रही है. इस साल इंडियन नेवी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिदमन को कमीशन करने की तैयारी कर रही है. कुछ ही महीनों में यह पनडुब्बी नेवी में कमीशन की जाएगी.
भारतीय नौसेना की बढ़ेगी मजबूती
भारतीय नौसेना की ताकत में ज्यादा मजबूती आने जा रही है. इंडियन नेवी इस साल अप्रैल-मई के महीने में अपने तीसरे स्वदेशी परमाणु ऊर्जा संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) को कमीशन करने जा रही है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन नेवी INS अरिदमन को कमीशन करने के लिए जोरों से तैयारियां कर रही है. आपको बता दें कि जिस समय पनडुब्बी को कमीशन करने की तैयारी हो रही है, वह समय ऑपरेशन सिंदूर की एनिवर्सरी के साथ में मेल खाता है.
समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण पर INS अरिदमन
इंडियन नेवी के चीफ दिनेश के. त्रिपाठी ने दिसंबर 2025 में इस पनडुब्बी की 2026 में कमीशन के लिए कहा था. आपको बता दें कि फिलहाल यह पनडुब्बी समुद्री परीक्षणों के लास्ट स्टेज पर है. जानकारी के मुताबिक इस पनडुब्बी में सिस्टम वेरिफिकेशन औऱ हथियारों के एकीकरण का काम जल्दी ही पूरा होने वाला है. जिसके बाद में इसे कमीशन किया जाएगा.
पिछली पनडुब्बियों के मुकाबले ज्यादा सक्षम
यह पनडुब्बी भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के साथ सेकंड स्ट्राइक क्षमता को बेहद मजबूती देगी. इस पनडुब्बी को गोपनीय एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (ATV) कार्यक्रम के तहत बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक INS अरिदमन (S4) अपने से पहले वाली पनडुब्बियों के मुकाबले काफी ज्यादा सक्षम है. इस पनडुब्बी का डिस्प्लेसमेंट लगभग 7,000 टन है.
लंबी दूरी की मिसाइल ले जाने में सक्षम
INS अरिदमन का डिस्प्लेसमेंट INS अरिहंत और INS अरिघाट के 6,000 टन के विस्थापन से काफी ज्यादा है. आपको बता दें कि यह पनडुब्बी लंबी दूरी की K-4 बैलिस्टिक मिसाइलों को ले जाने के लिए बनाई गई है. यह भारत की मारक क्षमता को काफी हद तक बढ़ावा देगी. आपको बता दें कि शुरुआती गर्मियों में पनडुब्बी के कमीशन होने के लिए ज्यादा संभावनाएं जताई जा रही हैं.
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