Iran us tensions: ईरान में विरोध और अमेरिका के सैन्य बढ़ते कदमों के बीच तनाव गहरा हो गया है. यूएसएस अब्राहम लिंकन युद्धपोत मिडिल ईस्ट पहुंच रहा है और ईरानी मिसाइलें भी तैयार हो रही हैं.

Iran us tensions: ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिका के साथ तनाव बढ़ता जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. बताया गया है कि ट्रंप ने ऐसे निर्णायक सैन्य कदम उठाने का आदेश दिया है जो ईरान की सत्ता पर असर डाल सकें.
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और पेंटागन ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है. इसमें ईरानी शासन को कमजोर करने और सत्ता से हटाने की रणनीतियां शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी जंगी बेड़ा मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है. यूएसएस अब्राहम लिंकन और इसके साथ कई डिस्ट्रॉयर जहाज, परमाणु पनडुब्बियां और सपोर्ट जहाजों की तैनाती की जा रही है.
ट्रंप ने कहा कि यूएसएस अब्राहम लिंकन अरब सागर से मिडिल ईस्ट की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसका मकसद ईरान के महत्वपूर्ण शहरों को अपनी पहुंच में लाना है. साथ ही अमेरिकी सी-37B एयरक्राफ्ट तुर्कमेनिस्तान के अशगाबाद बेस पर तैनात किया गया है, ताकि क्षेत्र में निगरानी और तैयारी पूरी हो.
ईरानी नेता जावेद अकबरी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सभी सैन्य अड्डे ईरान की नज़र में हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि केवल आदेश की देर है और ईरानी मिसाइलें दुश्मन पर कार्रवाई के लिए तैयार हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि तनाव किसी भी समय बढ़ सकता है.
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हिंद महासागर के डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर लगातार अमेरिकी कार्गो विमान उतर रहे हैं. जॉर्डन में कम से कम 12 एफ-15 फाइटर जेट्स तैनात किए गए हैं और और विमान भी रास्ते में हैं. इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिका संभावित सैन्य ऑपरेशन के लिए पूरी तैयारी कर रहा है और जल्द कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है.
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