अमेरिका और इजराइल के हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के चलते विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए कश्मीर घाटी में सुरक्षा बल एक्टिव हैं.
सुरक्षा बलों ने सील किया लाल चौक
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. जिसके बाद पूरी दुनिया में कई देशों के अंदर प्रदर्शन शुरू हो गए. जिसको देखते हुए संभावित विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए श्रीनगर के कई इलाकों में प्रतिबंध लगाए गए हैं. श्रीनगर के लाल चौक क्षेत्र को सील कर दिया गया है और सुरक्षा बलों ने इसी के साथ घंटाघर के आसपास जाने के ऊपर भी रोक लगाई है.
घंटा घर के आसपास जाने में रोक
जानकारी के मुताबिक संभावित विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने इस कदम को उठाया है. सुरक्षा बलों ने घंटा घर के पास जाने से रोक लगाई है, जिससे किसी भी तरह की सभा या फिर प्रदर्शन न हो पाए. बताया जा रहा है कि कश्मीर घाटी में सभी स्कूल और कॉलेज भी आज और कल के लिए बंद किए गए हैं. कश्मीर यूनिवर्सिटी में चल रही परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है.
कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
सुरक्षा बलों ने विरोध मार्च के दौरान शाल्टेंग इलाके में उसे रोकने के लिए भारी आंसू गैस के गोले भी दागे हैं. शिया समुदाय के लोगों द्वारा खामेनेई की मौत के खिलाफ मार्च निकालने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन पुलिस ने उन सभी लोगों को रोकते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. इस दौरान कश्मीर के डीजीपी, एडीजी और आईजीपी पुलिस कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे.
इंटरनेट स्पीड को किया धीमा
सुरक्षा कारणों के चलते कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड को भी धीमा कर दिया गया है. जिससे वायरल वीडियो और विरोध प्रदर्शनों से बढ़ने वाले तनावों को काबू में रखा जा सके. कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है. यहां सुरक्षा बल और पुलिस लगातार लोगों की आवाजाही पर नजर रख रही है. मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला का कहना है कि जम्मू और कश्मीर में जो लोग शोक मना रहे हैं, उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से शोक व्यक्त करने दिया जाना चाहिए.
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