Manali heavy snowfall: मनाली में भारी बर्फबारी से सड़कें बंद हो गई हैं और सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं, जिन्हें बस स्टैंड तक 16 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है. मौसम विभाग ने फिर बर्फबारी की चेतावनी दी है और प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.

Manali heavy snowfall: मनाली में भारी बर्फबारी के बाद हालात बिगड़ गए हैं. यहां घूमने पहुंचे सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं. हिमाचल प्रदेश के इस लोकप्रिय टूरिस्ट स्पॉट के आसपास की कई सड़कें बंद हो गई हैं. स्थानीय संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हैं. जगह-जगह वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. लोग घंटों तक जाम में फंसे रह गए थे. कई पर्यटक अब पछता रहे हैं कि वे बर्फबारी के बीच यहां क्यों आ गए. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-3 को सोलंग नाला तक साफ कर दिया गया है. लेकिन इस सड़क पर सिर्फ हल्के वाहनों को ही चलने दिया जा रहा है. बस सेवाएं अब भी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई हैं. फिलहाल बसें मनाली से करीब 16 किलोमीटर दूर पतलीकुहल तक ही चल रही हैं. ऐसे में यात्रियों को अपने सामान के साथ पैदल चलना पड़ रहा है. कई लोग बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता पैदल तय कर रहे हैं.
रविवार को हालात और खराब थे. उस दिन मनाली में करीब 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था. सैकड़ों पर्यटक बर्फ से ढकी सड़कों पर अपना सामान उठाए पैदल चलते दिखे. जो लोग बर्फबारी से पहले मनाली पहुंच गए थे, वे अपने होटल या होमस्टे तक ही सीमित हैं. मुख्य मार्ग बंद होने से वे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. लेकिन पूरी तरह बहाली में अभी समय लगेगा.
एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है. सभी सड़कों को खोलने की कोशिश जारी है. लेकिन बर्फ ज्यादा होने के कारण काम में दिक्कत आ रही है. फिलहाल पतलीकुहल से मनाली की ओर सिर्फ चार पहिया वाहनों को ही जाने की अनुमति दी जाएगी. सड़कों पर फिसलन का खतरा बना हुआ है. इसलिए भारी वाहनों को अभी रोका गया है. लोगों से सावधानी बरतने को कहा गया है.

मौसम विभाग ने 27 जनवरी को फिर भारी बर्फबारी की चेतावनी दी है. अगर ऐसा हुआ तो पतलीकुहल-मनाली और मणिकरण-भुंतर मार्ग दोबारा बंद हो सकते हैं. ये सड़कें वाहनों के लिए असुरक्षित हो सकती हैं. प्रशासन ने यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा न करें. ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचें. नदियों, नालों और हिमस्खलन वाले क्षेत्रों के पास न जाएं.
