मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी का एक नया तरीका सामने आया है. उत्पाद विभाग ने यहां 360 शराब की बोतलों को जब्त किया है. आपको बता दें कि तस्कर कॉपियों को काटकर उनके बीच शराब की बोतलें छिपाकर ले जा रहे थे.
बिहार के मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग से बचने और उन्हें धोखा देने के लिए शराब की बोतलों को कॉपियों के बंडल के बीच छिपा दिया. बाहर से देखने पर पूरा सामान सामान्य कॉपियों का बंडल नजर आ रहा था, लेकिन जब उत्पाद विभाग की टीम ने उसकी तलाशी ली तो अंदर का राज खुल गया. बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 360 बोतल विदेशी शराब बरामद की है.
शक के आधार पर ली ऑटो की तलाशी
बताया जा रहा है कि उत्पाद विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि एक ऑटो के जरिए शराब की खेप की सप्लाई की जा रही है. इसी सूचना के आधार पर टीम ने अहियापुर थाना क्षेत्र के भीखनपुर इलाके में निगरानी शुरू की. निगरानी के दौरान शक के आधार पर एक ऑटो को रोककर उसकी तलाशी ली गई. ऑटो में कॉपियों के कई बंडल रखे हुए थे. पहली नजर में सामान सामान्य लग रहा था, लेकिन उत्पाद विभाग के अधिकारियों को शक हुआ
कॉपियों के बीच छिपाई शराब
उत्पाद विभाग ने इसके बाद कॉपियों के बंडलों को खोलकर जांच की. इस दौरान सामने आया कि कॉपियों को इस तरह से काटा गया था कि उनके बीच शराब की बोतलों को छिपाया जा सके. बोतलों को कॉपियों के बीच इस तरह पैक किया गया था कि बाहर से देखने पर किसी को भी शराब होने का शक न हो. जब टीम ने पूरी खेप की गिनती की तो कुल 360 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई.
ऑटो चालक को किया गिरफ्तार
इस दौरान उत्पाद विभाग ने मौके पर कार्रवाई करते हुए ऑटो चालक सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया. उत्पाद निरीक्षक प्रकाश कुमार ने बताया कि शराब की खेप बेहद शातिर तरीके से कॉपियों के बंडलों में छिपाकर ले जाई जा रही थी. बरामद की गई शराब को जब्त कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि शराब उत्तर प्रदेश निर्मित है.
उत्पाद विभाग लगातार कर रहा निगरानी
अधिकारी के मुताबिक मामले में गुप्त सूचना के आधार पर ASI राजा जनमेजय के साथ टीम ने कार्रवाई की थी. ऑटो की तलाशी के दौरान शराब बरामद होने के बाद चालक को हिरासत में लिया गया. ऑटो चालक के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई होगी. उत्पाद विभाग का कहना है कि शराब तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं. ऐसे बदलते तौर-तरीकों पर विभाग की नजर बनी हुई है.
