Patna Poisonous Liquor Fish Party Incident: पटना में दोपहर को मछली और शराब पार्टी के दौरान दो पैग पीते ही जहरीले असर से चार दोस्तों की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई, जिसकी फॉरेंसिक जांच जारी है.

Patna Poisonous Liquor Fish Party Incident: बिहार की राजधानी पटना में एक साथ चार दोस्तों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से सनसनी फैल गई है. दोपहर के वक्त चार दोस्त एक साथ बैठकर मछली और शराब की पार्टी कर रहे थे. पार्टी शुरू ही हुई थी कि महज दो-दो पैग पीते ही चारों की हालत बिगड़ने लगी. उनके मुंह से झाग निकलने लगा और वे अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े. परिजनों द्वारा आनन-फानन में अस्पताल ले जाने के बावजूद किसी की जान नहीं बचाई जा सकी. इस दुखद घटना के बाद इलाके में कोहराम मचा हुआ है. वहीं पुलिस और स्वास्थ्य महकमा मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुट गया है.
पार्टी शुरू होते ही अचेत होकर गिरे चारों दोस्त
घटना दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है. चारों दोस्तों ने मिलकर मछली पकाई थी और साथ में शराब का इंतजाम किया था. जैसे ही उन्होंने पीना शुरू किया, वैसे ही उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी. परिजनों को जब भनक लगी तो वे तुरंत चारों को स्थानीय निजी क्लीनिक ले गए. स्थिति गंभीर देखकर उन्हें डेढ़ बजे अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने पर तीन युवक पूरी तरह अचेत थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था. डॉक्टरों ने उल्टी कराने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्हें एनएमसीएच (NMCH) रेफर कर दिया गया, जहां चारों को मृत घोषित कर दिया गया.
डॉक्टरों ने जताई तीव्र जहर की आशंका
आईजीआईएमएस (IGIMS) के फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी (FMT) विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार के मुताबिक महज डेढ़ से दो घंटे में चारों की स्थिति का इतनी हद तक बिगड़ जाना तीव्र विषाक्तता की ओर इशारा करता है. उन्होंने बताया कि औद्योगिक स्पिरिट यानी मेथनॉल से बनी शराब या उसमें मिलाए गए अन्य खतरनाक रसायनों के कारण ऐसा हो सकता है. चारों युवकों के लक्षण एक जैसे थे, जिससे यह लगभग साफ है कि सभी के शरीर में एक ही तरह का घातक जहर गया था. हालांकि, असली वजह की पुष्टि सघन लैब जांच के बाद ही हो पाएगी.
मुंह से झाग निकलना ही सिर्फ जहर की पहचान नहीं
मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि मुंह से झाग निकलना केवल जहर खाने का ही निश्चित लक्षण नहीं होता है. तेज जहर के अलावा सांस लेने में गंभीर परेशानी होने, फेफड़ों में पानी या स्राव जमा होने, अत्यधिक लार बनने और मिर्गी जैसे दौरे आने पर भी मुंह से झाग निकल सकता है. इस मामले में फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र कर लिए हैं. डॉक्टरों का मानना है कि मृतकों के शरीर में जहर का कौन सा रूप पहुंचा था, इसका वैज्ञानिक खुलासा पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही संभव हो सकेगा.
फॉरेंसिक जांच से खुलेंगे कई बड़े राज
घटना की जांच कर रही फॉरेंसिक टीम को कई अहम सवालों के जवाब तलाशने हैं. सबसे पहले शराब की उस बोतल की जांच की जा रही है कि उसमें एथेनॉल था, जहरीला मेथनॉल था या कोई अन्य केमिकल था. इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि बोतल असली थी या नकली पैकेजिंग की गई थी. साथ ही पार्टी में बनाई गई मछली, पके हुए भोजन और मसालों के सैंपल भी लैब भेजे जा रहे हैं. विशेषज्ञ इस पहलू पर भी जांच कर रहे हैं कि कहीं भोजन और शराब के मिश्रण से तो कोई जानलेवा केमिकल रिएक्शन नहीं हुआ था.
बिसरा और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार
इस पूरे मामले की फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी जांच प्रक्रिया में दो से तीन महीने या इससे भी अधिक समय लग सकता है. मृतकों के शरीर से लिए गए बिसरा, रक्त और अन्य जैविक नमूनों की जांच की जा रही है. लैब टेस्ट से यह साफ होगा कि टेट्रा पैक या बोतल के तरल पदार्थ में क्या-क्या मिलाया गया था और वह मिश्रण कितना जहरीला था. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. प्रशासन का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
