राम मंदिर में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, नरपत डुकिया को मिली संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी
Ayodhya Ram Temple:श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से मंदिर प्रबंधन में बड़े स्तर पर बदलाव का सिलसिला जारी है. पिछले महीने जगदीश शंकर आफले को ट्रस्ट का पहला सचिव बनाया गया था.
Ayodhya Ram Temple: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. ट्रस्ट ने सीए नरपत डुकिया को मंदिर संचालन एवं प्रबंधन (इकाई प्रमुख) की जिम्मेदारी सौंपी है. उनके साथ आचार्य इंद्रदेव मिश्र को सहयोगी के रूप में नियुक्त किया गया है.
नरपत डुकिया (इकाई प्रमुख)
मंदिर की समग्र प्रशासनिक व्यवस्था, विभागों के बीच तालमेल और ट्रस्ट के निर्णयों के क्रियान्वयन का काम देखेंगे। आचार्य इंद्रदेव मिश्र उनके सहयोगी होंगे (कार्यकाल दिसंबर 2026 तक)।
जगदीश आफले (सचिव)
राम मंदिर के खातों का संचालन देख रहे ट्रस्ट के इंजीनियर जगदीश आफले को सचिव का कार्यभार सौंपा गया है। आधिकारिक पत्रों में उन्हें सचिव ही लिखा जा रहा है और आगामी 2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक में इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी.
गर्भगृह के पास मौजूद ‘सीक्रेट लॉकर’ तक पहुंची SIT
इधर, चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मंदिर परिसर में रखे बहुमूल्य आभूषणों के लॉकर का सत्यापन किया. जांच के दौरान दान में मिले सोने-चांदी के आभूषणों और उनसे संबंधित रिकॉर्ड का मिलान किया गया. ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए आभूषण सुरक्षित हैं और उनकी पूरी रिकॉर्डिंग रखी जाती है.
मंदिर में दान किए गए बहुमूल्य आभूषणों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तौलकर रसीद जारी की जाती है और फिर सुरक्षित लॉकर में रखा जाता है. इस लॉकर को खोलने के लिए तीन अलग-अलग चाबियों की व्यवस्था है, जो अलग-अलग जिम्मेदार अधिकारियों के पास रहती हैं.
ट्रस्ट की आगामी बैठक में इस संबंध में औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है. ट्रस्ट का मानना है कि नई व्यवस्थाओं से मंदिर का प्रशासनिक संचालन और अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी होगा.
