Budget 2026: 1 फरवरी 2026 वित्त मंत्री नितिन निर्मला सीतारमण द्वारा देश के आम बजद को पेश किया जाएगा. वह नौवां बजट पेश करने वाली है. सबसे ज्यादा बात करें तो इस बजट से हेल्थ सेक्टर वालों को उम्मीद है. आशंका जताई जा रही है कि 2026 में हेल्थ सेक्टर के खर्च को बढ़ाया जाएगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि ग्लोबल हेल्थ सेक्टर बनाने के लिए देश के स्वास्थ्य विभाग में क्या और पहले के मुताबिक कितना बड़ा चेंज हो सकता है.
क्यों है यह जरूरी
कोरोना महामारी में सबसे ज्यादा झटका हेल्थ सेक्टर में लगा था. उसके बाद साफ था कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए इसकी नींव यानी की स्वास्थ्य सेवाओं को ठीक करने की जरूरत है. आज के समय में भी भारत जैसे देश में किसी आम आदमी के लिए इलाज करवाना काफी मुश्किल है. किसी भी छोटी सी कमाई यानी की मजदूर और गरीब परिवार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले पाना अभी भी मुश्किल है. एक तरफ उन्हें सरकारी हॉस्पिटल में सुविधाएं नहीं मिलती तो दूसरे तरफ प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज इतने मंहगे और तनख्वा इतनी कम होती है कि उसमें इलाज करवाना मुश्किल होता है.
आइए जानें पिछले बजट स्वास्थ्य सेक्टर को क्या मिला था
पिछला बजट जो कि 2025-26 में आया था. उसमें करीब 1 लाख करोड़ रूपये का प्रावधान दिया गया था. पहले के बजट से यह 11 प्रतिशत ज्यादा था. इस बजट में ज्यादा जोर कैंसर की दवाओं के बनाने पर लगने वाले पैसो पर थोड़ी छूट, आयुष्मान भारत योजना को और बढ़ाना, एम्स जैसे कई अस्पताल को एक्स्ट्रा फंड साथ ही नए मेडिकल कॉलेज को भी एकस्ट्रा फंड देने का ऐलान किया गया था. इसी कारण से अंदाजा लगाया जा रहा है कि सरकार हेल्थ सेक्टर पर काफी ज्यादा जोर दे रही है.
बजट 2026 से क्या है उम्मीद?
सभी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को दिए जाने वाले बजट 2026 से हेल्थ सेक्टर को लेकर बड़ी उम्मीद की जा रही है. एक्सपर्ट्स ने संभावना जताई है कि सरकार स्वास्थ्य बजट में प्राथमिक हेल्थ सेवाओं पर जोर देगी. साथ ही गर्वनमेंट अस्पताल में नए उपकरणों को ज्यादा लाया जाएगा. इसके अलावा दवाओं की उपलब्धता को भी इस बजट में बढ़ाया जाएगा. अब लोगों की नजरे टिकी हुई है कि 1 फरवरी के दिन क्या उनके द्वारा की गई संभावनाएं सच होगी या नहीं.
