मंगलवार को विपक्ष के नो-कॉन्फिडेंस मोशन सौंपे जाने के बाद अब लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में वीडियो बनाने वाले सभी सांसदों के ऊपर कार्रवाई करने के लिए विचार किया जा रहा है.
सांसदों के ऊपर कार्रवाई का विचार
मंगलवार को विपक्ष की पार्टियों ने लोकसभा स्पीकर पद से ओम बिरला को हटाने के लिए प्रक्रिया को शुरू कर दिया है. विपक्ष का कहना है कि ओम बिरला ने सदन में पार्टीबाजी की और इसी कारण से मामला सुलझने तक उन्हें कार्यवाही के संचालन से हटना पड़ा. अब ऐसी खबर आ रही है कि लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में वीडियो बनाने वाले सभी सांसदों के ऊपर कार्रवाई करने के लिए विचार भी किया जा रहा है.
लोकसभा अध्यक्ष का कक्ष सदन का हिस्सा नहीं
जानकारी के मुताबिक संबंधित अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि उस वीडियो को किसने बनाया था और उसे मीडिया से किसने शेयर किया. आपको बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष का कक्ष सदन का हिस्सा नहीं माना जाता है. इसी कारण अब ऐसे वीडियो बनाने और उसे शेयर करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विचार किया जा रहा है.
ओम बिरला ने नहीं किया सदन का संचालन
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार को सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं किया. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ओम बिरला ने मंगलवार को यह फैसला किया है कि विपक्ष की पार्टियों के सांसदों ने उन्हें हटाने की मांग को लेकर नो-कॉन्फिडेंस मोशन सौंपा है. जब तक उसके ऊपर चर्चा और फैसला नहीं हो जाता है, जब तक ओम बिरला सदन में कार्यवाही का संचालन करने के लिए नहीं आएंगे.
9 मार्च को हो सकती चर्चा
ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभआ स्पीकर को हटाने के लिए 9 मार्च को चर्चा हो सकती है. इसके लिए 50 सांसदों को हाथों को उठाना होगा, जिसके बाद चेयर मोशन पर चर्चा के लिए परमिशन दी जा सकती है. आपको बता दें कि मंगलवार को ओम बिरला ने लोकसभा सेक्रेटरी जनरल को विपक्ष के सांसदों के नोटिस की जांच करने के लिए निर्देश भी दिया था. इस निर्देश में उन्होंने उन्हें हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने की मांग की थी और उनसे जरूरी कार्रवाई करने को कहा था.
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