Parliament Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र से ठीक पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई बीएसी की बैठक में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने, टैक्स सुधार और एमएसएमई सहित 6 प्रमुख विधेयकों पर चर्चा का समय तय किया गया.

Parliament Monsoon Session: संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है. रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में सरकार और तमाम राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए. बैठक का मुख्य मकसद मॉनसून सत्र के दौरान आने वाले बड़े विधेयकों पर चर्चा करना और उनके लिए समय तय करना था. इसके साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ने एक बड़ा अपडेट दिया कि टीएमसी (TMC) के 20 बागी सांसदों के एनसीपीआई (NCPI) में विलय के मामले पर वे सोमवार को सत्र शुरू होने से पहले अपना आखिरी फैसला सुनाएंगे.
सदन की गरिमा बनाए रखने और सार्थक चर्चा की अपील
बैठक के दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बेहद खास अपील की. उन्होंने कहा कि संसद देश की सबसे बड़ी पंचायत है. इसलिए सभी दलों को इसकी गरिमा का पूरा ख्याल रखना चाहिए. उन्होंने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग मांगा. स्पीकर ने जोर देकर कहा कि देश की जनता हमसे उम्मीद करती है. इसलिए जनहित और राष्ट्रीय महत्व के गंभीर मुद्दों पर सदन में बिना किसी हंगामे के रचनात्मक और सार्थक बहस होनी चाहिए.
विदेशी चंदे पर लगाम और टैक्स नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी
इस बार सरकार देश में आने वाले विदेशी चंदे की पूरी पारदर्शिता के लिए विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक लेकर आ रही है. इस महत्वपूर्ण बिल पर सदन में पूरे 4 घंटे तक बहस होगी. इसके साथ ही आयकर (संशोधन) विधेयक 2026 पर भी 4 घंटे का समय तय किया गया है. यह बिल एक पुराने अध्यादेश की जगह लेगा. सरकार का मानना है कि इस नए टैक्स कानून से वैश्विक आर्थिक मंदी के दौर में भी भारत के सॉवरेन डेट मार्केट को मजबूती मिलेगी और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा.
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने और सख्त रजिस्ट्रेशन नियम
सदन में पेंडिंग केसों को तेजी से निपटाने के लिए उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026 लाया जा रहा है. इस पर 4 घंटे चर्चा होगी. इसके तहत सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के अलावा जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक पर भी 4 घंटे बहस होगी. इसका सीधा मकसद देर से होने वाले बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट के रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को और ज्यादा सख्त, डिजिटल और व्यवस्थित बनाना है.
राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने वालों पर सख्ती और MSME को बड़ी राहत
देश के राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने वालों की अब खैर नहीं होगी. इसके लिए राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक लाया जा रहा है. इस पर 4 घंटे की चर्चा के बाद दंडात्मक नियमों को और कड़ा किया जाएगा. वहीं छोटे व्यापारियों के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (MSME) संशोधन विधेयक पर सबसे ज्यादा 5 घंटे की बहस तय की गई है. इसका लक्ष्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी व्यापार को आसान बनाना और व्यापारियों को समय पर पेमेंट दिलाना है.
