जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के समर्थन में 22 जुलाई को AISA ने भी राजभवन में मार्च निकाला है. यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए किया जा रहा है. प्रदर्शन AISA ने शुरू किया था. एसोसिएशन का कहना है कि जंतर-मंतर पर CJP के छात्र आंदोलन के समर्थन में पटना में यह मार्च निकाला जा रहा है. गांधी मैदान से राजभवन की ओर इस मार्च को निकाला गया है.
पटना में प्रदर्शन शुरू
पुलिस ने इस मार्च पर कार्यवाही भी की है. जब छात्र गांधी मैदान से निकल कर होटल मौर्या के पास पहुंचे, तब पुलिस ने उन्हें आगे जाने के लिए रोक दिया था. छात्रों और पुलिस के बीच में झड़प भी हुई थी, जिसके बाद पुलिस भीड़ कंट्रोल करने के लिए वॉटर कैनन का प्रयोग किया. हालांकि, इसके बावजूद लोग प्रदर्शन पर टिके रहे और प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों की डिमांड एक दम साफ थी कि धमेंद्र प्रधान इस्तीफा दे.
अभद्र भाषा का किया गया प्रयोग
बता दें कि इस मार्च में सबसे ज्यादा घसीटा मीडियाकर्मियों को गया है. प्रोटेस्ट के दौरान मीडियाकर्मियों के साथ में मारपीट की गई है. बड़े-बड़े संस्थानों के कर्मियों के संग में मारपीट की गई है. हालांकि, सूत्रों को मुताबिक किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है. समय रहते निकल जाने की वजह से वह निकल गए. अभद्र भाषा का प्रयोग भी इनके साथ में किया गया है.
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