Ganga ExpressWay: उत्तर प्रदेश का हरदोई जिला अब विकास की नई रफ्तार पकड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. उत्तर प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के अनुसार 29 अप्रैल का दिन हरदोई के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा. इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्र की सबसे बड़ी सौगात गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे. (मोहम्मद आसिफ की रिपोर्ट)
गंगा एक्सप्रेसवे की 10 बड़ी विशेषताएं
सफर में भारी बचत
1- गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी कम हो जाएगी, जो पहले के मुकाबले काफी कम है. मेरठ से प्रयागराज की दूरी जो पहले 12-14 घंटे लेती थी, वह घटकर मात्र 6-7 घंटे रह जाएगी.
2- आपातकालीन एयरस्ट्रिप
उत्तर प्रदेश का यह तीसरा ऐसा एक्सप्रेसवे है जहां लड़ाकू विमान और मालवाहक जहाज लैंड कर सकेंगे. इसके लिए शाहजहाँपुर जिले में 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी (Runway) बनाई गई है.
इस पर ट्रायल भी हो चुका है.
3-वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
मार्ग में 9 सुविधा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ पेट्रोल पंप, CNG स्टेशन के साथ-साथ एक साथ 4 कारों और 2 ट्रकों को चार्ज करने वाले EV चार्जिंग पॉइंट्स मौजूद हैं.
4- धार्मिक और औद्योगिक कॉरिडोर
यह एक्सप्रेसवे हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर और प्रयागराज जैसे तीर्थस्थलों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा. साथ ही बदायूं जैसे जिलों में औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित किए जा रहे हैं.
5-कनेक्टिविटी
यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों (मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) को आपस में जोड़ेगा.
6- देश का पहला ट्रॉमा सेंटर वाला एक्सप्रेसवे
यह भारत का ऐसा पहला एक्सप्रेसवे है जहां दुर्घटना की स्थिति में तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर की सुविधा दी गई है, जिसके लिए निजी अस्पतालों से अनुबंध किया गया है.
7-टोल और कनेक्टिविटी
इस पूरे रास्ते का सफर करने के लिए यात्रियों को लगभग ₹1,300 टोल देना होगा. यह मार्ग मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाता है.
8- रिकॉर्ड तोड़ निर्माण
इस 594 किमी लंबे प्रोजेक्ट को लगभग 1000 दिनों में पूरा किया गया है, यानी औसतन हर दो दिन में एक किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे. औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी, जिससे हमारे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा.
भविष्य का विस्तार
फिलहाल यह 6-लेन का है, लेकिन इसे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित करने की क्षमता के साथ बनाया गया है. साथ ही इसे आगे उत्तराखंड के हरिद्वार से जोड़ने की भी योजना है.
स्मार्ट सुरक्षा फीचर्स: सुरक्षा के लिए हर 1 किमी पर हाई-रिज़ॉल्यूशन CCTV और हर 10 किमी पर स्पीड चेकिंग कैमरे लगाए गए हैं. रात में ड्राइवरों की आंखों पर सीधी रोशनी न पड़े, इसके लिए डिवाइडर पर पेड़ लगाए गए हैं.
9-पुलों का जाल
इस पर गंगा और रामगंगा जैसी नदियों पर बड़े पुलों के साथ सैकड़ों छोटे पुल और फ्लाईओवर शामिल हैं. एक्सप्रेसवे के किनारे लाखों की संख्या में वृक्षारोपण कर ‘ग्रीन कॉरिडोर’ विकसित किया जा रहा है. यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें 9 जनसुविधा परिसर , दो बड़े टोल प्लाजा (मेरठ और प्रयागराज) और 15 रैंप टोल प्लाजा बनाए गए हैं.
10-सार्वजनिक सुविधाएं
यात्रियों के लिए हर कुछ किलोमीटर पर शानदार रिफ्रेशमेंट सेंटर, पेट्रोल पंप और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा होगी.उन्नत ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और CCTV कैमरों के जरिए सुरक्षा की निगरानी की जाएगी.
