जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद उस सीट के लिए चुने गए प्रह्लाद जोशी पर भी अब राजनीतिक बहस छिड़ चुकी है. दरअसल, कई लोग शिक्षा मंत्री पद के लिए चुने गए प्रह्लाद जोशी पर खुश नहीं है. मानसून सत्र में भी इसी को लेकर बहस हो रही है. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी लोकसभा सत्र में प्रह्लाद जोशी पर कई गंभीर आरोप लगाए है. सत्ताधारी सरकार और विपक्ष के बीच की टकरार सत्र में कम होने का नाम ले रही है.
क्या आरोप लगाया प्रियंका गांधी ने?
दरअसल, प्रियंका गांधी ने मानसून सत्र में दिए जाने वाले भाषण में कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री के पद पर बैठाया है, जिसने गर्भवती महिला के बलात्कारियों की जेल से रिहाई मिलने में सहमति जताई थी. प्रधानमंत्री ने देश की करोड़ों लड़कियों को इससे क्या संदेश दिया है?’
प्रियंका गांधी के इस बयान पर विपक्ष के सभी लोग संसद में शेम-शेम के नारे लगाने लगे थे. हालांकि, विपक्ष के इस हमले पर सत्ता पक्ष पूरी तरीके से भड़क गया और कहा कि प्रियंका गांधी या अपने बयान को सबूतों के संग साबित करें या तो फिर उनके इस बयान को रिकॉर्ड से हटाया जाए, जिसके बाद प्रियंका गांधी ने सबूत पेश करने की बात कही. उन्होंने कहा कि प्रह्लाद जोशी की सारी बातें अखबार में छपी हुई है. वह साबित कर सकती है.
JMM सांसद महुआ माजी ने किया सपोर्ट
प्रिंयका गांधी के इस बयान का समर्थन करते हुए JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि अगर प्रिंयका गांधी ने ये कहा है तो वह कुछ सोच के ही कह रही होगी. वह तथ्यों के आधार पर ही कह रही होगी. इसी कारण से मुझे भी ऐसा लगता है कि सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए, छात्रों के भविष्य के साथ में खिलवाड़ नहीं होना चाहिए.
ये भी पढ़ें: UP Ration News: अगस्त में मुफ्त राशन वितरण पर संकट, कोटेदारों की मांग नहीं सुनी तो नहीं मिलेगा फ्री राशन
