आज के दिन भी संसद में भारी हंगामा देखने को मिला है. दरअसल, 12 बजे के आसपास राहुल गांधी संसद पहुंचे थे. उन्होंने इस दौरान सदन में काफी विवादित बयान दिया है. बता दें कि आज के दिन ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पर चर्चा हुई थी.
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा ये-
दरअसल, राहुल गांधी ने कहा है कि ‘मुझे छात्रों और उनकी शिक्षा व्यवस्था पर बात करने का मौका देने के लिए धन्यवाद. ये गुस्सा, हिंसा या नफरत नहीं थी. ये युवाओं की अभिव्यक्ति थी. यहां मौजूद सभी पार्टियों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान जरूर करना चाहिए. छात्रों का गुस्सा पूरी तरीके से जायज था. सभी भारतीयों को गर्व होना चाहिए.’
साथ ही उन्होंने कहा है कि ‘मेरी कुछ बच्चों से बात हुई थी. उन्होंने मुझे एक नजरिया दिया है. मैंने एक बच्ची से पूछा था कि आप स्टूडेंट हो लेकिन इसका क्या मतलब है? उसने बहुत ही सुंदर जवाब दिया. उसने मुझे जवाब दिया कि स्टूडेंट वो होता है, जिसका दिमाग पूरी तरीके से खुला होता है. जो इस बात को मानता है कि वह सबकुछ नहीं जानता है. छात्र जानता है कि दुनिया बदल रही है.’
इसके बाद उन्होंने छात्र की परिभाषा देते हुए कहा कि स्टूडेंट सच्चाई के पीछे भागता है. गांधी जी का कहना था कि घर की खिड़कियों को सभी तरह की हवाओं के लिए खोले रहना चाहिए. फिर मैंने छात्रा से पूछा कि इडियट के बारे में आपका क्या राय है? जो लोग स्टूडेंट नहीं है, उसके बारे में क्या राय है? छात्रा ने गर्व से जवाब दिया कि स्टूडेंट सच्चाई के साथ होता है. दूसरे लोग इमेज की चिंता करते हैं. इडियट अपने आप को भगवान मानता है. वह इमेज को बनाने में लगा रहता है.’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंधभक्त को निशाना बनाते हुए कहा कि- ‘अंध भक्त को कहां डाला जाए. अंध भक्त इंडियट को फॉलो करता है.’
राहुल गांधी के बयान के बाद पूरे संसद में हंगामा मच गया. विपक्ष ने उन पर जमकर हंगामा बोला. वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप सिर्फ विधेयक पर ही चर्चा करें. साथ ही किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. आप ऐसे शब्दों को संसद में नहीं प्रयोग नहीं कर सकते हैं. आपको संसद की मर्यादा को बनाएं रखना चाहिए. किरेन रिजजू ने कहा कि राहुल गांधी से अनुरोध है कि वह भाषण को फिर से सुनाए.
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