हाल ही में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर किए गए हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो चुकी है. एक तरफ जहां ईरान में उनके मरने पर जश्न का माहौल है. तो वहीं, ईरान के साथ भारत के कई जगहों पर उनके मरने पर प्रदर्शन किया जा रहा था. लोगों में उनकी मौत के बाद आक्रोश का माहौल है. मौत के कई दिनों बाद भी ये तनावपूर्ण माहौल देखने को मिल रहा है. जम्मू-कश्मीर में अभी भी लोगों के प्रदर्शन का सिलसिला जारी है.
शांति के न भंग होने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ी
बता दें शुक्रवार के दिन जुमे की नमाज होती है. नमाज के बाद ज्यादातर लोगों की भीड़ काफी देखने को मिलती है. इसी को देखते हुए सरकार ने श्रीनगर के कुछ इलाकों में प्रतिबंध लगा दिया है. लाल चौक और उसके आसपास में मौजूद कई जगहों पर प्रशासन ने किसी प्रकार की शांति के न भंग होने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दिया है.
आम लोगों के लिए पूरी तरीके से रोक
वहीं, चौक पर नमाज पढ़ने वाले लोगों के अलावा आने वाले आम लोगों के लिए पूरी तरीके से रोक लगा दी गई है. जब तक उन्हें कोई जरूरी काम नहीं होगा तब तक आवाजाही पर रोक है. सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर घाटी के दूसरे जिलों में भी सुरक्षा और कड़ी की जाएगी. वहीं, सुरक्षा के लिए दलबल के लोगों की संख्या भी बढ़ा दी गई है. बता दें कि शील इलाकों में CRPF की अतिरिक्त टुकड़ियां भी तैनात की गई है. उन्होंने सभी लोगों से शांति बनाए रखने की मांग की है.
अधिकारियों ने बताया कि हालात में अब धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहे हैं. हालांकि, अभी जगह- जगह और चौराहों पर बैरिकेड लगाए गए है. ताकि किसी भी तरीके की अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके. साथ ही अधिकारियो ने बताया कि अभी के हालातों को देखते हुए नजर रखी जा रही है.
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