पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए चन्नी-रंधावा गुट के साथ पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने बैठक की है. इस दौरान चन्नी-रंधावा गुट ने कलह सुलझाने के लिए 2 शर्तों को सामने रखा है.

भूपेश बघेल की चन्नी-रंधावा के साथ बैठक
पंजाब कांग्रेस में इन दिनों अंदरूनी कलह चल रहा है. पार्टी के इस विवाद को सुलझाने के लिए चन्नी-रंधावा गुट ने भूपेश बघेल के साथ बैठक की है. इस दौरान उन्होंने बैठक में विवाद को सुझाने के लिए 2 शर्तें रखी हैं. उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया जाए या फिर चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री चेहरा बनाकर चुनाव को लड़ा जाए और टिकट बांटने के समय पर चन्नी की राय को महत्व दिया जाए.
बघेल ने शर्तों पर जताई असहमति
इस बैठक के दौरान सूत्रों के मुताबिक भूपेश बघेल ने दोनों शर्तों पर असहमति जताई है. बघेल ने कहा कि यह सब आलाकमान तय कर सकता है क्योंकि उनके पास इस तरह के अधिकार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वो बागी गुट की राय को आलाकमान तक पहुंचा सकते हैं, जिसके बाद इस तरह की मांगों पर आलाकमान फैसला ले सकता है. इस बैठक के बाद भूपेश बघेल ने मीडिया से भी बातचीत की है.
सभी लोग एकजुट हैं- बघेल
बघेल ने कहा कि मैंने साथियों से मुलाकात करके बात की है और उन लोगों ने अपनी राय साझा की है. उन्होंने कहा कि सब इस बात से सहमत हैं कि पार्टी को हाई कमान के फैसलों को मानना चाहिए. उन्होंने कहा कि सब एकजुट हैं, हमारे साथियों ने कुछ मुद्दे उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मैंने सभी को भरोसा दिलाया है कि प्रभारी महासचिव के तौर पर सभी के हितों की रक्षा करूंगा. उन्होंने कहा कि साथियों की चिंताओं को पार्टी हाई कमान तक पहुंचाऊंगा.
रायपुर वापस लौटे भूपेश बघेल
बघेल ने जानकारी दी है कि वे दोपहर में रायपुर वापस लौट रहे हैं. जानकारी के मुताबिक बघेल के साथ मीटिंग के दौरान चन्नी और रंधावा के तल्ख तेवर बरकरार रहे. जानकारी के मुताबिक किसी भी फैसले पर न पहुंचने के कारण अब यह पूरा विवाद पार्टी हाई कमान के पास पहुंचेगा. अब पंजाब कांग्रेस का कलह सड़कों पर उतरता और बड़ा होता दिखाई दे रहा है.
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