trump latin america strategy: डोनाल्ड ट्रंप लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों में राजनीतिक और आर्थिक दबदबा बनाने के लिए सख्ती और धमकी दिखा रहे हैं. अमेरिका इस क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधन और ग्रीन ऊर्जा क्षमता को कंट्रोल करना चाहता है.

trump latin america strategy: डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की विदेश नीति में हमेशा सख्ती दिखाते रहे हैं. चीन, रूस, ईरान और ग्रीनलैंड जैसी जगहों पर उनका रुख इसके उदाहरण हैं. अब उनका ध्यान लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों पर है. हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उनके देश से अगवा कर लिया है. ट्रंप ने क्यूबा को भी चेतावनी दी कि अगर वे उनके शर्तों पर नहीं चले तो कड़ी कार्रवाई होगी. पनामा नहर को अपने कंट्रोल में लेने की धमकी भी दी गई.
अमेरिका इस क्षेत्र को क्यों कंट्रोल करना चाहता है
लेकिन सवाल यह है कि अमेरिका इस क्षेत्र को क्यों कंट्रोल करना चाहता है. लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों की ग्लोबल जीडीपी लगातार घट रही है. 1980 में इस क्षेत्र का हिस्सा 12.3 प्रतिशत था. 2000 में 9.4 प्रतिशत, 2020 में 7.2 प्रतिशत और 2025 में 7.1 प्रतिशत रह गया है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार 2030 तक यह घटकर 6.9 प्रतिशत हो सकता है.
इस क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है. यहां के वनों में दुनिया का 23 प्रतिशत हिस्सा है. उपजाऊ कृषि भूमि का 11 प्रतिशत हिस्सा भी इसी क्षेत्र में है. रेगिस्तानी इलाके जैसे अर्जेंटीना, चिली और मेक्सिको में सौर ऊर्जा का बड़ा अवसर है. कोलंबिया और पैटागोनिया में पवन ऊर्जा की क्षमता बहुत अधिक है. यही कारण है कि अमेरिका इस क्षेत्र की हरित ऊर्जा क्षमता में रुचि रखता है.
लिथियम भंडार का 47 प्रतिशत हिस्सा

लैटिन अमेरिका में खनिज संपदा भी काफी है. दुनिया के कुल लिथियम भंडार का 47 प्रतिशत हिस्सा यहां है. लिथियम बैटरियों के लिए यह जरूरी है. इसके अलावा, तांबे के भंडार का 36 प्रतिशत हिस्सा भी यहीं है. 2050 तक तांबे की मांग सालाना 1.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है. ऐसे संसाधन अमेरिका के लिए रणनीतिक महत्व रखते हैं.
विश्व बैंक का कहना है कि इस क्षेत्र में सही निवेश और जमीन के इस्तेमाल से नई अर्थव्यवस्था और निर्यात के अवसर मिल सकते हैं. अमेरिका इस क्षेत्र पर इसलिए भी नजर रखता है ताकि हरित ऊर्जा और खनिज संसाधनों में उसका दबदबा बना रहे. यही वजह है कि ट्रंप लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों में सख्ती और धमकी दिखा रहे हैं.
