Weight loss injection study: आज के युवा में वजन बढ़ना सबसे बड़ी समस्या हो गई है. शरीर में मसल्स की जगह जब फैट बढ़ जाता हैं. तो आदमी का वजन बढ़ जाता है. कई युवा इस समस्या का समाधान जिम में जाकर करते हैं. तो वहीं, दूसरे लोग आज के समय में चर्चित वजन घटाने वाला इंजेक्शन लेते हैं.
रिपोर्ट में खुलासा
एक रिपोर्ट के मुताबिक सामने आया है कि जो लोग इंजेक्शन लेते हैं. उनका वजन जो लोग डाइट और जिम जाना बंद कर देते हैं. उनकी तुलना में 4 गुना तेजी की तेजी में बढ़ता है. आपको बता दें कि वजन को कम करने के लिए मार्केट में दो तरीके के इंजेक्शन है, जो मुख्य रूप से प्रयोग में लाए जाते हैं. इनका नाम मौनजारो या वेगोवी है. हाल ही में एक रिपोर्ट में पब्लिश किया गया है कि एक स्टडी में वजन घटाने वाला ट्रीटमेंट करीब 9,341 लोगों को दिया गया था. इन लोगों को यह तकरीबन 39 हफ्तों तक दिया गया था.
इसके बाद रिसर्च में पाया गया कि वह लोग जिन्होंने दवा लेना बंद कर दिया था. उनका वजह हर महीने करीब 0.4 किलों बढ़ने लगा था. इसके बाद दवा के बंद करने पर लोग 1.7 साल बाद अपने पुराने वजन में वापिस चले आ रहे थे. रिसर्च में यह भी पाया गया दवा को इस्तेमाल करने के बाद जरूर उनका वजन 8.3 किलों घट गया था लेकिन जैसे ही दवा बंद की गई उनका वजन पहले ही साल में वापिस से 5 किलों के करीब वापिस बढ़ गया.
डाक्टर्स का कहना है कि इन लोगों का वजन उन लोगों से ज्यादा तेज बढ़ता है, जिन्होंने डाइट और योग करके अपना वजन घटाया था और बाद में बंद कर दिया था.
क्या होता है दवा को छोड़ने के बाद
रिसर्च का कहना है कि कई स्टडी में पाया गया था कि यह दवाएं ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हार्ट अटैक के खतरे को कम करती है लेकिन जैसे ही इलाज बंद होता है. यह दोबारा से अपने लेवल में आ जाते हैं और इनका खतरा वापिस से बढ़ जाता है. इसके अलावा डॉक्टर का कहना है कि दवाओं को छोड़ने पर मोटापे का वापिस आना दवाइयों की नाकामी को नहीं बल्कि उनकी क्रॉनिक स्थिति को दिखाता है.
इस स्टडी से पता चलता है कि वजन कम करने का तरीके में कोई भी तरीका लंबे समय के लिए नहीं होता है बल्कि अगर आपको अपने वजन को हमेशा कम रखना है. तो डाइट और फिजिकल एक्टिविटी का हमेशा ध्यान रखना चाहिए. इसके अलावा यह स्टडी दिखाती है कि अगर आस-पास की जंक फूड मार्केटिंग में सुधार नहीं किया गया तो दवाओं के फायदे ज्यादा समय तक नहीं टिकने वाले हैं.
