AIMIM पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बयान दिया. ओवैसी ने कहा कि भविष्य में हिजाब पहनने वाली महिला भी भारत की प्रधानमंत्री बन सकती है. जिसके बाद अब सियासी घमासान छिड़ गया है. ओवैसी के इस बयान के बाद अब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
हिजाब पहनने वाली महिला बनेगी प्रधानमंत्री- ओवैसी
AIMIM पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. ओवैसी के बयान के बाद असम के मुख्यमंत्री ने भी प्रतिक्रिया दी है, जिसके बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है. ओवैसी ने कहा था कि भविष्य में हिजाब पहनने वाली महिला भी देश की प्रधानमंत्री बन सकती है. ओवैसी के इस बयान को BJP के नेताओं ने काफी गैरजिम्मेदाराना बयान बताया था. असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में इसके लिए कोई संवैधानिक रोक नहीं है, लेकिन भारत एक हिंदू राष्ट्र है.
देश का प्रधानमंत्री हिंदू ही रहेगा- हिमंत बिस्वा सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ शब्दों में कहा कि संवैधानिक रूप से कोई भी व्यक्ति भारत का प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन यह देश हिंदू सभ्यता वाला और हिंदू राष्ट्र है. हिमंत बिस्वा सरमा ने यह दावा भी किया कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि देश का प्रधानमंत्री हमेशा हिंदू ही रहेगा. हिमंत बिस्वा ने यह बयान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान के जवाब में दिया है.
महाराष्ट्र में दिया था ओवैसी ने बयान
ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा के दौरान कहा था कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी. ओवैसी ने इसी जनसभा में भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक ढांचे की तुलना भी की थी. ओवैसी ने कहा था कि भारत का संविधान सभी समुदायों और धर्मों को एक जैसा समान सम्मान और अधिकार देता है.
भारत का संविधान पाकिस्तान से अच्छा- ओवैसी
इससे पहले भी हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख ओवैसी ने कहा थी, कि भारत का संविधान सभी समुदायों को एक बराबरी का सम्मान और अधिकार देता है. ओवैसी ने पाकिस्तान से तुलना करते हुए कहा था कि उस देश का संविधान सिर्फ शीर्ष संवैधानिक पदों को एक ही समुदाय तक के लिए सीमित रखता है. उन्होंने कहा था, कि भारत में ऐसा कुछ नहीं है और न ही कोई ऐसी पाबंदी है. ओवैसी ने यह बयान 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिया था.
