Asaduddin Owaisi Bahraich UP: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी सियासी जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी 14 जून को बहराइच के मटेरा में जनसभा कर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे. मटेरा की सीट सपा का गढ़ मानी जाती है. पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने पर 200 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का दावा किया है. ओवैसी के इस बहराइच दौरे को उनकी पार्टी के चुनावी शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है. जन सभा से पहले ओवैसी सालार मसूद गाजी दरगाह पर जियारत भी करेंगे.
‘मटेरा’ को ओवैसी ने क्यों चुना?
असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी पहली बड़ी चुनावी जनसभा के लिए बहराइच की मटेरा विधानसभा सीट (शंकरपुर चौराहा) को चुना है, जो अपने आप में एक बड़ा रणनीतिक कदम है. मटेरा सीट साल 2012 से लगातार समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है, जहां पहले पूर्व मंत्री यासर शाह और वर्तमान में उनकी पत्नी मारिया शाह विधायक हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम, यादव, ओबीसी और अनुसूचित जाति (SC) के मतदाताओं की बहुत बड़ी तादाद है. ओवैसी की नजर सीधे तौर पर इसी मुस्लिम वोट बैंक पर है, जो पारंपरिक रूप से समाजवादी पार्टी का मुख्य आधार माना जाता है.
सपा पर बरसे शौकत अली
AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने इस रैली को 2027 के अभियान का ‘किकस्टार्ट’ बताते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही परिवार पिछले डेढ़ दशक से मटेरा पर राज कर रहा है, लेकिन यह क्षेत्र आज भी बिहार के सीमांचल जितना ही पिछड़ा हुआ है. सपा ने केवल मुसलमानों का वोट लिया, लेकिन बदले में उन्हें विकास और प्रतिनिधित्व नहीं दिया.
तीसरा मोर्चा की सुगबुगाहट
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यदि AIMIM आगामी विधानसभा चुनाव में बिना किसी गठबंधन के अकेले उतरती है, तो वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अवध क्षेत्र की लगभग 200 मुस्लिम बहुल सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी. सूबे में भाजपा और सपा को टक्कर देने के लिए बसपा (BSP) के साथ ‘दलित-मुस्लिम’ सियासी मोर्चे के विकल्प को खुला रखा है.
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