उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से नगर निगम की लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है. गाजियाबाद के माजरा झुंडपुरा गांव में एक बच्चे की खुले हुए नाले में गिरने के कारण मौत हो गई. यह घटना नोएडा में हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद की है.
गाजियाबाद में नाले में गिरा 11 साल का बच्चा
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के माजरा झुंडपुरा गांव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. गांव के एक खुले हुए नाले में एक 11 साल का बच्चा गिर गया. नाले में गिरने के कारण बच्चे की मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक 21 जनवरी को एक 11 साल का आहिल नाम का बच्चा अपने घर से लगभग 50 मीटर की दूरी पर खेल रहा था. जिस दौरान वह गलती से लगभग 2.5 फुट गहरे नाले में गिर गया.
अस्पताल में हुई बच्चे की मौत
बच्चे के नाले में गिरने से मौके पर हड़कंप मच गया. जिसके बाद उसके परिजनों और पड़ोसियों ने मिलकर उसे नाले से बाहर निकाला. जब लोगों ने 11 साल के आहिल को नाले से बाहर निकाला, तो बच्चा बेहोश हो चुका था. जिसके बाद उसे गर्म पानी से साफ करके हापुड़ के जिले के पिलखुआ में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसी दौरान उसकी मौत हो गई. जिसके बाद पिलखुआ पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद में शव को परिजनों को सौंप दिया.
प्रशासन के ऊपर लगाया लापरवाही का आरोप
परिजनों ने शव मिलने के बाद में गुरुवार को उसे दफना भी दिया था. इस मामले को लेकर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (मसूरी) लिपि नगाइच ने बताया कि इस घटना की जानकारी वहां की पुलिस को काफी देरी से मिली थी. इस पूरी घटना के बाद में स्थानीय लोगों में प्रशासन के ऊपर लापरवाही का आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि इस इलाके में बच्चे अक्सर खेलते रहते हैं, इसके बाद भी नाले को न तो ढका गया और न ही किसी तरह की बाउंड्री वॉल लगाई गई.
पहले भी हो चुकी है घटना
घटनास्थल पर स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले 8 जनवरी को भी मोमिन कॉलोनी में एक 5 महीने का बच्चा खुले नाले में गिर गया था, जिससे उसकी भी मौत हो गई थी. लोगों का कहना है कि उस घटना के बाद भी नगर निगम ने इसे लेकर लापरवाही दिखाई. लोगों के अंदर इस घटना के बाद में नगर निगम को लेकर काफी गुस्सा दिख रहा है.
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