यूपी में लोगों की सुविधा को देखते हुए स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने रजिस्ट्री विभाग को पेपर लेस और डिजिटल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. हालांकि, इन तैयारियों के बीच में बाधा बनकर स्टाम्प वेंडर, दस्तावेज लेखक और बड़े वकीलों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. प्रदर्शन करने वालों में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है. हालांकि, लोगों की सुविधा को कम करने वाले इस कदम में बाधा बनकर आखिर क्यों खड़े हैं ये, आइए जानते हैं.
पूरी तरीके से ऑनलाइन
विभाग, रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरीके से पेपरलेस और डिजिटल करना चाहती है. ऐसा करने से लोगों को दफ्तरों का चक्कर नहीं काटना पडेंगा. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. लोग अपने एग्रीमेंट तक डिजिटल फार्म में तैयार कर सकते हैं. स्टाम्प से लेकर हर चीज का भुगतान व्यक्ति को ऑनलाइन ही करना पडेगा. व्यक्ति को केवल डिजिटल साइन करने के लिए विभागीय ऑफिस जाना पड़ेगा, जिसके बाद उनको अपने दस्तावेज की कॉपी ऑनलाइन मिल जाती है.
सराकर के विरूद्ध विभागीय वर्कर
हालांकि, विभाग में काम करने वाले लोग इसके विरूद्ध है. वह प्रदेश के अलग-अलग जिले में 40 से 50 दिन से प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं. अगर उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया, तो वह डीएम का घेराव करेंगे और साथ ही पुतला भी फुकेंगे. नोएडा के सेक्टर 33 में स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग के कर्मचारी 6 दिन से अनिश्चित हड़ताल पर बैठे हुए है. वहां मौजूद अधिकारियों का कहना हैं कि यह लाखों लोगों को बेरोजगार कर देने वाला फैसला है. इस फैसले से केवल उनकी ही नहीं, बल्कि फोटोग्राफर, मुंशी, फोटोकॉपी व चाय, बैनामा लेखक, टाइपिस्ट और स्टाम्प वेंडर के कार्य पर भी असर पड़ेगा. जब तक विभाग यह आदेश वापस नहीं लेगा. तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर वह बैठे रहेंगे.
स्थिति को सुलझाने के लिए लिखा पत्र
स्थिति को कंट्रोल करने के लिए लखनऊ से अपर महानिरीक्षक निबंधन निरंजन कुमार ने सभी सहायक महानिरीक्षक निबंधन को पत्र जारी लिखा है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि कई दिनों से वकीलों, आम लोगों और दस्तावेज लेखकों में नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति देखने को मिल रही है. ऐसे में संबंधित विभाग उनकी इस गलतफहमी को दूर करें.
पहली बार करने पर लागू होगा नियम
ऐसे में लोगों के बीच डाउट हैं कि नई व्यवस्था लागू होगी कि नहीं. तो बता दें कि जमीन और मकान की रजिस्ट्री पहले की तरह ही होगी. अगर कोई पहली बार एक संपति दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर रहा है, तो उसमें ई-रजिस्ट्री की व्यवस्था लागू होगी. हालांकि, ये नियम भी केवल नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा या आवास विकास परिषद पर लागू होगी.
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