Uttar Pradesh Technology Hub: उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार की डिजिटल संस्थाओं के बीच जरूरी समझौता हुआ है. इस पहल से युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल मिलेगा और प्रदेश में नई लैब व रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे.

Uttar Pradesh Technology Hub: उत्तर प्रदेश को देश के बड़े टेक्नोलॉजी और इनोवेशन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार और केंद्र सरकार की एक प्रमुख डिजिटल कंपनी के बीच आपसी सहयोग को लेकर समझौता हुआ है. इस समझौते का मकसद प्रदेश में आधुनिक तकनीक आधारित सिस्टम को मजबूत करना और युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना है
यह समझौता डिजिटल इंडिया कारपोरेशन के तहत काम करने वाली इंडिया एआई मिशन और उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के बीच किया गया है. इस मौके पर आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव और मिशन के प्रमुख अभिषेक सिंह मौजूद थे. अधिकारियों ने कहा कि यह कदम केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल को दिखाता है.
इस सहयोग से प्रदेश के छात्रों, युवाओं और नए उद्यमियों को बड़ा फायदा मिलेगा. बीते लगभग नौ वर्षों में योगी सरकार ने डिजिटल व्यवस्था, स्टार्टअप माहौल, आईटी पार्क और डाटा सेंटर जैसे क्षेत्रों पर लगातार काम किया है. सरकार का फोकस युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने और उन्हें रोजगार के योग्य बनाने पर है.
प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने बताया कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक डिजिटल कौशल सीखने का मौका मिलेगा. इससे सरकारी सेवाओं में सुधार होगा और प्राइवेट क्षेत्र में भी रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे. राज्य सरकार तकनीक का उपयोग कर प्रशासन को तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है.

यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने जानकारी दी कि इस परियोजना को लागू करने के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है. यूपीडेस्को को राज्य की मुख्य एजेंसी की जिम्मेदारी दी गई है. योजना के तहत प्रदेश में कुल 65 डाटा और टेक्नोलॉजी लैब बनाई जाएंगी. फिलहाल लखनऊ और गोरखपुर में दो लैब काम कर रही हैं, जबकि पीलीभीत में एक लैब निजी साझेदारी से शुरू की गई है. आने वाले समय में यह पहल उत्तर प्रदेश को तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है.
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