uttarakhand ankita bhandari murder case: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में वायरल ऑडियो में दुष्यंत कुमार गौतम का नाम आया था, लेकिन The Truth 24 के साक्ष्यों से पता चला कि वह उस दिन होटल में नहीं, बल्कि दिल्ली में पीएम मोदी और अमित शाह के कार्यक्रम में मौजूद थे.

uttarakhand ankita bhandari murder case: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है. सोशल मीडिया पर हो रहे वायरल ऑडियो में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम सामने आ रहा था, देखते ही देखते इस मामले को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक बहस तेज हो गई है. हालांकि, TheTruth24 के पास ऐसे फोटो और साक्ष्य हैं जो साबित करते हैं कि जिस दिन अंकिता की हत्या हुई थी, उस दिन दुष्यंत कुमार गौतम होटल में मौजूद नहीं थे, बल्कि वो दिल्ली में देश के गृह मंत्री अमित शाह के साथ पीएम मोदी द्वारा आयोजित क्रॉस कंट्री स्लम दौड़ के आयोजन में शामिल थे. इस जानकारी से यह वायरल दावा झूठा साबित होता है और किसी भी तरह की जल्दबाजी में किसी पर आरोप लगाने से लोगों को बचने की जरूरत है.
14 दिन तक उत्तराखंड में नहीं थे मौजूद


फोटो और साक्ष्य के मुताबिक भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम 10 सितंबर 2022 से लेकर 24 सितंबर 2022 तक उत्तराखंड में मौजूद नहीं थे.
अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर 2022 को पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में हुई थी. 19 वर्षीय अंकिता रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम कर रही थीं. आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता ने साजिश रचकर उसकी हत्या की थी. इस मामले में पहले से ही तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है. इसके बावजूद हाल ही में वायरल हुए आडियो में एक वीआईपी का नाम आने के बाद लोगों में गुस्सा और सीबीआई जांच की मांग फिर से तेज हो गई है.
सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि सरकार इस मामले में सीबीआई जांच कराए और दोषियों को जल्द सजा मिले. रविवार को देहरादून में हजारों लोग मुख्यमंत्री आवास के पास जुटे और न्याय की मांग की है. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकार मामले में विलंब कर रही है और न्याय पाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने साफ किया कि जिन लोगों का नाम सामने आया है, उनके खिलाफ भी जांच होनी चाहिए, लेकिन किसी भी तरह का आधारहीन आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए.
पिछले तीन सालों में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच और सुनवाई में कई जरूरी घटनाएं हुई हैं. मार्च 2023 में कोटद्वार सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और अन्य आरोपियों पर हत्या, छेड़छाड़ और साक्ष्य छुपाने के आरोप तय किए हैं. मई 2025 में अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस पूरे समय में कई गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य भी दर्ज किए गए, जिनसे मामले की पूरी सच्चाई सामने आ रही है.
अंकिता के परिवार और समर्थक अब मांग कर रहे हैं कि जांच पूरी तरह पारदर्शी हो, The Truth 24 के अनुसार, वायरल हो रहे ऑडियो और आरोपों की पड़ताल से साफ होता है कि दुष्यंत कुमार गौतम इस घटना में शामिल नहीं थे. ऐसे मामलों में केवल साक्ष्यों पर भरोसा करना चाहिए, न कि अफवाहों पर जो उत्तराखंड के माहौल को खराब करने की एक साजिश है.
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