मंगलवार को सुबह-सुबह उत्तराखंड में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं. लोगों को जैसै ही भूकंप के झटके महसूस हुए, तो तुरंत ही वे अपने घरों से बाहर की तरफ निकल गए. उत्तराखंड के बागेश्वर में ये झटके महसूस हुए हैं. उत्तराखंड में आए भूकंप की तीव्रता को रिक्टर पैमाने में 3.5 मापा गया है.
उत्तराखंड में महसूस हुए भूकंप के झटके
मंगलवार को सुबह-सुबह उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं. स्थानीय लोगों को जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए तो सभी लोग तुरंत ही अपने घरों ले बाहर निकल आए. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक इस भूकंप में किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है. बागेश्वर में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद में उत्तराखंड और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
200 किमी के आस-पास तक महसूस हुए झटके
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र बागेश्वर में था. बागेश्वर में भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किमी नीचे था. इसकी के चलते लोगों को झटके महसूस हुए हैं. झटके इतनी तेज थे, कि बागेश्वर से 174 किमी दूर मौजूद ऋषिकेश और लगभग 183 किमी दूर हरिद्वार में भी इसके झटके महसूस हुए हैं. भयंकर ठंड होने के बाद भी लोग भूकंप के डर से अपने घरों से बाहर निकल आए.
इससे पहले भी महसूस हुए थे झटके
पिछले साल 2025 में नवंबर महीने में उत्तराखंड के सीमांत जिले में भी भूकंप के झटके महसूस हुए थे. ये झटके चमोली जिले में महसूस हुए थे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक उस समय आए भूकंप की तीव्रता 3.7 और गहराई लगभग 5.00 मापी गई थी. उस समय आए भूकंप का केंद्र गोपेश्वर और जोशीमठ था. उस समय महसूस होने वाले भूकंप के झटकों से भी किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ था.
उत्तराखंड में क्यों आता है बार-बार भूकंप?
उत्तराखंड राज्य सीस्मिक जोन 4 और 5 में आता है, इस जोन में हल्के से लाकर तेज झटके महसूस होना आम बात हो जाती है. इसी के साथ राज्य में मेन बाउंडरी थ्रस्ट, मेन हिमालयन थ्रस्ट और मेन सेंट्रल थ्रस्ट जैसी भ्रंश रेखाएं गुजरती हैं. ये रेखाएं धरती में बार-बार होने वाली हलचल का सबसे बड़ा कारण हैं. उत्तराखंड राज्य हिमालयी पर्वत श्रृंखला में आता है, यहां भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से लगातार टकरा रही हैं, जिस कारण यहां भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं.
