Uttarakhand ka Mausam: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर गदर काटने की तैयारी में है. आज से 18 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. एहतियातन कई जिलों में 12वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिया गया है. ऐसे में घर से निकलने से पहले पढ़िए अपने जिले का वेदर अपडेट…
पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विभाग ने पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, चम्पावत और नैनीताल जिलों में भी भारी बारिश और बिजली कड़कने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है.
बागेश्वर और मुनस्यारी में लैंड स्लाइड से तबाही
बागेश्वर: कपकोट क्षेत्र में सरयू नदी उफान पर है। तेज बहाव और भूस्खलन के कारण जिले की 16 प्रमुख ग्रामीण सड़कें बंद हो चुकी हैं। पुलों के किनारे (एबटमेंट) क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का संपर्क कट गया है और देर रात से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है.
ला-झेकला क्षेत्र में पहाड़ी दरकने से भारी मलबा और विशाल बोल्डर सड़क पर आ गिरे हैं. थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और सड़क के दोनों ओर दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं.
जान लीजिएदेहरादून और मैदानी इलाकों का हाल
देहरादून, विकासनगर और हरिद्वार के मैदानी क्षेत्रों में सुबह से ही बादलों का डेरा है और झमाझम बारिश शुरू हो गई है. निचले इलाकों में जलभराव और बरसाती नालों में उफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नगर निगम और पुलिस टीमों को मुस्तैद कर दिया है.
केदारनाथ में लगातार बारिश
केदारनाथ में लगातार बारिश हो रही है. पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के सभी ज़रूरी इंतज़ाम कर लिए हैं. गौरीकुंड से केदारनाथ के रास्ते में कई संवेदनशील जगहें हैं और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम से इन जगहों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है. रुद्रप्रयाग की SP निहारिका तोमर कहती हैं, “…प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हो सकने वाले और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमें और पुलिस तैनात की गई हैं…”
प्रशासन की अपील
बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को मौसम की अद्यतन जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.
