Babita Pandey Missing Case: उत्तरकाशी जनपद के भटवाड़ी तहसील के अंतर्गत दयारा बुग्याल ट्रैक क्षेत्र में लापता हुई बबीता पांडे का 8वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिला. लगातार अलग-अलग टीमों के द्वारा बबीता पांडे की खोजबीन जारी है और संभावित स्थानों पर रेस्क्यू टीम सर्च अभियान में जुटी हुई है. जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर बबीता पांडे की तलाश के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों द्वारा बड़े स्तर पर व्यापक सर्च एवं रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है.
तलाश में उतरी NIM
रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए एक शनिवार को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम को दयारा बुग्याल ट्रैक पर भेजा गया है. नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम ने दयारा बुग्याल ट्रैक क्षेत्र में खोजबीन शुरू कर दी है. प्रशासन द्वारा लापता हुई बबीता पांडे की खोज एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, आईटीबीपी और आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी टीम समेत अन्य संबंधित एजेंसियों के कार्मिक सक्रिय रूप से लगे हुए हैं.
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम से उम्मीद
इसके बाद इस सर्च ऑपरेशन के लिए आईटीबीपी और सेना की भी मदद मांगी गई, लेकिन बबीता का अब तक कहीं कुछ पता नहीं चला है. हालांकि सीओ जनक सिंह पंवार के नेतृत्व में बबीता की तलाश में पुलिस और कुछ वन कर्मियों की टीम गोई में डेरा डाले हुए हैं. गोई झील में भी बबीता की तलाश की गई, लेकिन फिर भी सर्च ऑपरेशन चला रही टीम के हाथ खाली हैं. अब नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम से परिजनों को बहुत उम्मीद है. बबीता की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्हें उम्मीद है कि बेटी जल्दी सही सुरक्षित उनके पास लौट आएगी.
क्या है यह पूरा मामला?
आपको बता दें, नैनीताल के रामनगर (ग्राम चिल्किया) की रहने वाली 24 वर्षीय बबीता पांडे बीती 29 मई को अपने दो साथियों हरमनप्रीत सिंह और हरमन पाल के साथ दयारा बुग्याल घूमने आई थी. 29 मई की रात को दयारा बुग्याल के प्रमुख पड़ाव ‘गोई’ से बबीता अचानक और रहस्यमयी ढंग से गायब हो गई. शुरुआती दिनों में पुलिस, स्थानीय प्रशासन और एसओजी (SOG) की टीम ने आस-पास के जंगलों को छाना, लेकिन बबीता का कुछ पता नहीं चला.
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