पश्चिम बंगाल में चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है. जिसके बाद अधिकारियों की छंटनी की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. राज्य सरकार के मुख्य सचिव और पर्वतीय मामलों में प्रधान सचिव पद पर बदलाव पर आदेशों को जारी किया गया है.
मुख्य सचिव और प्रधान सचिव पद पर बदलाव
पश्चिम बंगाल में चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है. तारीखों के ऐलान के बाद चुनाव आयोग ने राज्य सरकार में ऊंचे पदों पर बैठे हुए अधिकारियों की छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. आपको बता दें कि राज्य सरकार के मुख्य सचिव और पर्वतीय मामलों में प्रधान सचिव पद पर बदलाव पर आदेशों को जारी किया गया है. जिसके बाद अब अगला नंबर कोलकाता पुलिस के आयुक्त और राज्य पुलिस के डीजीपी का लगने वाला है.
ममता के खास अधिकारी चुनाव से दूर
आपको बता दें कि फिलहाल तो निर्वाचन आयोग ने हटाए गए अधिकारियों को कहीं भी चुनाव संबंधित ड्यूटी में न लगाए जाने के सख्त निर्देश दिए हैं. इसका सीधा मतलब समझ आता है कि ममता बनर्जी के खास माने जाने वाले इन सभी अधिकारियों को चुनाव के दौरान चुनावी ड्यूटी से दूर रखा जाएगा. निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों से पहले तैयारियों की समीक्षा करते हुए राज्य की मुख्य सचिव को पद से हटा दिया है.
नए मुख्य सचिव बने दुष्यंत नारियाला
निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल के चुनावों पर लगातार नजर बनाए हुए है. जिसके चलते आयोग ने चुनावों की समीक्षा करते हुए राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया है. नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटाकर उनकी जगह पर दुष्यंत नारियाला को नया मुख्य सचिव बनाया गया है. इसी के साथ आयोग ने पर्वतीय मामलों के प्रधान सचिव के पद पर संघमित्रा घोष को नियुक्त किया है.
तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएं निर्देश
जानकारी के मुताबिक इसके अलावा किसी भी समय पर आयोग पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस के कमिश्नर पद जैसे अधिकारियों की जगह भी नई नियुक्त कर सकती है. आयोग ने आदेश दिया है कि इन निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए. आपको बता दें कि ट्रांसफर किए जाने वाले अधिकारियों को चुनावों के खत्म होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा.
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