डायरेक्टरेट ऑफ एनफोर्समेंट की हैदराबाद टीम ने 18 दिसंबर 2025 को काकरला श्रीनिवास को गिरफ्तार कर लिया। वह Jayathri Infrastructures India Pvt. Ltd. नाम की रियल-एस्टेट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने घर खरीदने वालों और निवेश करने वाले लोगों से करोड़ों रुपये लिए, लेकिन न तो फ्लैट दिए और न ही पैसे लौटाए।यह मामला उस समय शुरू हुआ, जब Cyberabad Police ने कंपनी और उसके डायरेक्टरों के खिलाफ कई FIR दर्ज की थीं। जिन लोगों ने शिकायत की, उनका कहना था कि कंपनी ने उन्हें प्री-लॉन्च फ्लैट, कमर्शियल शॉप, मेट्रो स्टेशन के अंदर स्टॉल और तय किराए की आमदनी देने का वादा किया था, लेकिन बाद में ये सब सिर्फ धोखा निकला और लोगों का पैसा डूब गया।

ED की जांच में हुए कई खुलासे ।
ED की जांच में खुलासा हुआ कि करीब 61 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। यह पैसा अलग-अलग बैंक खातों में घुमाया गया, कैश में निकाला गया, परिवारवालों और दूसरी कंपनियों को भेजा गया और कुछ पैसों से जमीन-जायदाद भी खरीदी गई। इससे यह शक पुख्ता होता है कि असली सोर्स और मालिकाना हक छिपाने की कोशिश की गई।
Also Read: कफ सिरप तस्करी मामले में विभोर राणा और विशाल राणा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत

पुलिस ने भी किया था गिरफ्तार ।
काकरला श्रीनिवास को इस साल मई 2025 में भी पुलिस ने एक केस में पकड़ा था, लेकिन जुलाई 2025 में जमानत मिलने के बाद वह गायब हो गया। ED ने उसे कई बार नोटिस भेजे, लेकिन वह न घर पर मिला न ऑफिस में। उसकी तलाश में ED ने 9 जगह छानबीन की और 8 जगह छापे भी मारे, जहां से कागज़ मिले, लेकिन वह हाथ नहीं आया।आखिरकार ED को सूचना मिली कि वह चेन्नई में कुछ लोगों से चोरी-छिपे प्रॉपर्टी से जुड़े सौदे के लिए मिलने वाला है। इसके बाद ED की टीम ने 18 दिसंबर की शाम को चेन्नई के अन्ना नगर इलाके में Towers Club से उसे पकड़ लिया। अगले दिन यानी 19 दिसंबर को श्रीनिवास को PMLA की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 31 दिसंबर 2025 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ED की जांच अभी भी जारी है और आगे और खुलासों की उम्मीद की जा रही है।
