Rafale Fighter Jets Deal 2026: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 114 राफेल फाइटर जेट्स को खरीदने की मंजूरी दे दी गई है. इस मेगा डील के बाद अब इंडियन एयर फोर्स की ताकत में बेहद मजबूती आने वाली है.
114 राफेल फाइटर जेट्स की खरीद की मंजूरी
भारतीय वायु सेना की ताकत में भयंकर मजबूती आने जा रही है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इंडियन एयर फोर्स की ताकत में इजाफा करने की मजबूती मिल गई है. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने गुरुवार को 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट को खरीदने के लिए मंजूरी दे दी है. यह खरीद लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपए से की जाएगी.
96 फाइटर जेट्स का देश में ही होगा निर्माण
जानकारी के मुताबिक यह डील भारत के इतिहास की सबसे बड़ी रक्षा डील है. DAC ने राफेल फाइटर जेट्स को खरीदने के लिए Acceptance of Necessity (AoN) को मंजूरी दी है. इस मेगा डील की सबसे बड़ी बात इसका मेक इन इंडिया मॉडल माना जा रहा है. जानकारी के मुताबिक 114 राफेल फाइटर जेट्स में से 18 फाइटर जेट्स पूरी तरह से फ्रांस से तैयार होकर आएंगे, इन्हीं के साथ बाकी के 96 राफेल लड़ाकू विमानों का निर्माण भारत में ही होगा.
इंडियन एयरफोर्स की ताकत में आएगी मजबूती
इन फाइटर जेट्स का निर्माण करने के लिए भारत की प्राइवेट कंपनियां फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन के साथ में मिलकर काम करेंगी. इस डील के बाद में इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में राफेल लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ जाएगी और बेड़े में 176 राफेल विमान हो जाएंगे. इन विमानों में 36 विमान पुराने और 114 नए इसी के साथ 26 विमान इंडियन नेवी के लिए हैं.
अहम समय पर लिया गया फैसला
इस ऐतिहासिक फैसले को भारत के रक्षा मंत्रालय ने काफी अहम समय पर लिया है. 18 फरवरी के आसपास फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भारत के दौरे पर आने वाले हैं. उनके भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ में इस डील के ऊपर मुहर लाएंगे. इस डील के बाद में इंडियन एयरफोर्स की ताकत में काफी ज्यादा मजबूती आएगी और भारत का नाम दुनिया के ताकतवर देशों में शुमार रहेगा.
क्या हैं इस मेगा डील की खास बातें?
- यह मेगा डील लगभग 3.25 लाख करोड़ यानी 39 बिलियन डॉलर की है. जिसे भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा समझौता बताया जा रहा है.
- भारतीय वायु सेना को मिलने वाले विमानों में 88 सिंगल सीटर और 26 विमान ट्विन सीटर ट्रेनिंग के लिए होंगे.
- भारत को मिलने वाले 114 विमानों में से 18 विमान फ्रांस से तैयार होकर आएंगे और 96 राफेल विमानों को देश में ही बनाया जाएगा.
- भारत में बनने वाले विमानों में शुरूआत में 30% सामान स्वदेशी होगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 60% से ज्यादा किया जाएगा.
- इन विमानों के इंजन की देखभाल के लिए हैदराबाद में एक विशेष Maintenance Repair and Overhaul (MRO) फैसिलिटी को बनाया जाएगा.
साल 2030 से शुरू हो सकती है डिलीवरी
इस डील के लिए मंजूरी मिलने के बाद में अब इसके ऊपर औपचारिक रूप से बातचीत को शुरू किया जाएगा. इस डील के लिए फाइनल मंजूरी प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति यानी कि CCS के द्वारा दी जाएगी. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक साल 2030 तक राफेल फाइटर जेट्स की डिलीवरी शुरू होने की उम्मीद है.
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