Attacks on Hindus in Bangladesh: बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में एक गारमेंट फैक्ट्री के भीतर ड्यूटी के दौरान हिंदू अंसार सदस्य बजेंद्र बिस्वास की गोली लगने से मौत हो गई, जिसे आरोपी ने मजाक बताया है. हाल की कई घटनाओं ने देश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है.

Attacks on Hindus in Bangladesh: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों के बीच मयमनसिंह जिले से एक और गंभीर घटना सामने आई है. भालुका उपजिला में स्थित एक गारमेंट फैक्ट्री के अंदर सुरक्षा ड्यूटी के दौरान हिंदू समुदाय से जुड़े अंसार सदस्य बजेंद्र बिस्वास की गोली लगने से मौत हो गई है. इस घटना ने एक बार फिर देश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
मजाक में हत्या
यह घटना 29 दिसंबर की शाम करीब पौने सात बजे मेहराबारी इलाके में स्थित सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड फैक्ट्री के अंदर हुई है. पुलिस के अनुसार, बजेंद्र बिस्वास और उनके साथी नोमान मिया फैक्ट्री परिसर में बने अंसार बैरक में मौजूद थे. इसी दौरान बातचीत के समय नोमान ने सरकारी शॉटगन मजाक में बजेंद्र की ओर तान दी, तभी अचानक गोली चल गई.
हिंदुओं में बढ़ रहे हैं हमले
गोली बजेंद्र की बाईं जांघ में लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत भालुका उपजिला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. आरोपी नोमान मिया ने पुलिस को बताया कि वह मजाक कर रहा था, लेकिन जिस तरह हाल के दिनों में हिंदुओं पर हमले बढ़े हैं, उससे इस दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं. पुलिस ने नोमान को गिरफ्तार कर लिया है और हथियार जब्त कर लिया गया है.
मृतक बजेंद्र बिस्वास सिलहट सदर के कादिरपुर गांव के रहने वाले थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे. वहीं आरोपी नोमान मिया सुनामगंज जिले का निवासी बताया जा रहा है. पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है.
दीपू चंद्र दास की भी ऐसे ही हुई थी हत्या

यह घटना कोई अकेली घटना नहीं है. इससे कुछ दिन पहले ही 18 दिसंबर को इसी इलाके में दीपू चंद्र दास नामक हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें.
यह भी पढ़ेंं: मुनीर से लिया टक्कर… पाकिस्तान में पूर्व आर्मी अधिकारी आदिल रजा आतंकी घोषित; बोले- मेरे लिए सम्मान की बात
