गाजीपुर में शिक्षक पेंशन घोटाले में पैसे रिकवरी की कार्रवाई शुरू हो गई है. अब ट्रेजरी विभाग के निर्देश पर आरोपी शिक्षकों के खातों से पैसे सरकारी खातों में ट्रांसफर किए जाने शुरू हो गए हैं. इस मामले में लगातार जांच हो रही है.

शिक्षकों के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से शिक्षक पेंशन घोटाला सामने आया था. अब इस मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है. आपको बता दें कि नकली डॉक्यूमेंट्स के आधार पर समय से पहले पेंशन और ग्रेच्युटी का फायदा लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ प्रशासन ने पैसे की रिकवरी को लेकर तैयारी तेज कर दी है. इस मामले को लेकर अब एक शिक्षक के खाते से 7 लाख रुपयों को सरकार के खाते में दोबारा से जमा करा लिया गया है.
नकली डॉक्यूमेंट्स से किया घोटाला
जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला बिरनो ब्लॉक के रुहीपुर गांव में मौजूद गंगा प्रसाद राम प्रसाद इंटर कॉलेज का है. इस स्कूल के 13 टीचरों ने फर्जी भुगतान आदेश (PPO) और नकली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके पेंशन और ग्रेच्युटी का फायदा लिया था. इन सभी शिक्षकों ने मिलकर लगभग साढ़े 3 करोड़ सरकारी रुपयों का फायदा उठाया था. अब इस मामले में कार्रवाई शुरू की गई है.
शिक्षक के खाते से सरकारी खाते में पैसे ट्रांसफर
मामला सामने आने पर अब ट्रेजरी विभाग ने रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी है. इस दौरान भटौली परमेठ के रहने वाले शिक्षक दुबरी सिंह यादव के खाते में जमा 7 लाख रुपयों को सरकारी खाते में वापस जमा करा लिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक दूसरे शिक्षकों के खिलाफ भी इस तरह से कार्रवाई की जाएगी. जांच में सामने आया कि आरोपियों में से एक ऐसा शिक्षक भी था, जो स्कूल में नौकरी कर रहा था और वेतन भी ले रहा था और पेंशन का लाभ भी ले रहा था.
क्या है मामला?
मामले को लेकर स्कूल के प्रबंधक रामवृक्ष यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया था कि वाराणसी मंडल के उप शिक्षा निदेशक द्वारा की गई जांच में सामने आया कि संबंधित शिक्षकों ने नकली डॉक्यूमेंट्स को तैयार करके पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ लिया था. जिसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी. अब आरोपियों से पैसे की रिकवरी को लेकर कार्रवाई शुरू हो गई है.
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