महाराष्ट्र सरकार ने ऐलान किया है कि स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में ‘Sting’ एनर्जी ड्रिंक नहीं बेची जाएगी. सरकार ने यह फैसला बच्चों की सेहत को देखते हुए लिया है. खाद्य मामलों के मंत्री नरहरी झिरवाल ने विधानसभा में जानकारी दी है.

स्कूलों के 500 मीटर तक नहीं बिकेगी ‘Sting’
महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों की सेहत को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में ‘Sting’ एनर्जी ड्रिंक की बिक्री नहीं की जाएगी. इस मामले में खाद्य मामलों के मंत्री नरहरी झिरवाल ने विधानसभा में जानकारी दी है. इस मामले में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश को जारी कर दिया जाएगा.
सेहत को देखते हुए लिए फैसला
सरकार के मुताबिक बच्चों में एनर्जी ड्रिंक का कल्चर काफी तेजी के साथ बढ़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है. इसी कारण स्कूलों के आसपास ‘Sting’ की बिक्री के ऊपर प्रतिबंध लगाने के लिए फैसला लिया गया है. सरकार के मुताबिक इस नियम के पालन को लेकर निगरानी को भी बढ़ाया जाएगा. आपको बता दें कि देश की शीर्ष खाद्य नियामक संस्था FSSAI ने भी एनर्जी ड्रिंक कंपनियों पर सख्ती शुरू कर दी है.
FSSAI ने जारी किया नोटिस
आपको बता दें कि FSSAI में 1 जुलाई को Red Bull, PepsiCo की Adrenaline Rush, Reliance की Campa, Sting, Hell Energy और Coca-Cola समर्थित Monster सहित 6 बड़े ब्रांड्स को नोटिस जारी किया था. इन कंपनियों के ऊपर उपभोक्ताओं को गुमराह करने और उत्पादों की भ्रामक ब्रांडिंग करने वाले दावे करने के आरोप हैं.
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
अब इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार भी सख्त नजर आ रही है. राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि किसी भी स्कूल के 500 मीटर के दायरे में ‘Sting’ एनर्जी ड्रिंक की बिक्री के ऊपर प्रतिबंध लगाया जाएगा. स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी एनर्जी ड्रिंक को लेकर लंबे समय से चिंता जता रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन और चीनी की अधिक मात्रा शरीर को वास्तविक ऊर्जा देने के बजाय कुछ समय के लिए थकान को दबा देती है.
यह भी पढ़ें- ‘हिम्मत हो तो चला दें बुलडोजर…’ दान चोरी के आरोपी लवकुश के नाना का दावा; बोले- हमारे पास पूरी रजिस्ट्री है
