राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. इस्तीफे के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी चंपत राय से मिलने पहुंचे हैं. उन्होंने कि चंपत राय ने गलत लोगों पर भरोसा कर लिया.

चंपत राय से मिलने पहुंचे गोविंद देव गिरी
राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव हो गया है. ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूरी दे दी है. अब सुबह-सुबह ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी चंपत राय से मिलने के लिए पहुंचे हैं. आपको बता दें कि चंपत राय के इस्तीफे के बाद पहली बार इन दोनों लोगों की मुलाकात हुई है. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लगभग 2 घंटे तक मुलाकात हुई, जिसके बाद गोविंद देव गिरी कैमरों से बचते हुए निकले हैं.
कृष्ण मोहन को सौंपी गई जिम्मेदारी
आपको बता दें कि गोपाल राव भी तीर्थ क्षेत्र भवन में ही मौजूद थे, लेकिन वो इस बैठक में शामिल नहीं हुए हैं. मंगलवार को कृष्ण मोहन और बजरंग लाल बागड़ा भी चंपत राय से मिलने के लिए पहुंचते थे. आपको बता दें कि चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होने के बाद कामकाज की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को सौंपी गई है. सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक हुई है.
चंपत राय ने गलत लोगों पर भरोसा किया- गोविंद देव गिरी
बैठक के एक दिन बाद मंगलवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि ऐसा होगा. चंपत राय ने गलत लोगों पर भरोसा कर लिया. उन्होंने कहा कि हमारी कमियां कहां पर थीं, इसकी जांच शुरू हो गई है. आपको बता दें गोविंद देव गिरी साल 2020 से राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं. जब उनसे सवाल किया गया कि उन्होंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया, तो वह इस पर भड़क गए.
चंपत राय ने शेयर की चिट्ठी
चंपत राय ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी शेयर की है. इस चिट्ठी में उन्होंने कई बातें लिखी हैं. चंपत राय ने SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर हैरानी जताते हुए कहा कि अभी वो कुछ नहीं कहेंगे. उन्होंने कहा कि भविष्य में वो शांत भी नहीं बैठेंगे और इस चोरी से जुड़े कई बड़े खुलासे भी कर सकते हैं. आपको बता दें कि पुलिस ने जेल से 3 आरोपियों को रिमांड पर लिया है.
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