किडनी मनुष्य के अहम अंगों में से है. इसकी संरचना बीन्स जैसी मुट्ठी के आकार की होती है. यह हमारे शरीर में रीढ़ की हड्डी पसलियों के नीचे होते है. इसका मुख्य काम खून से गंदगी और पानी को छानकर गंदगी को यूरिन के रूप में बाहर निकाल देना है. साथ ही यह फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है. साथ ही यह ऐसे हार्मोन को भी बनाती है, जो हमारे शरीर में हड्डियों व रेड ब्लड सेल्स के लिए बहुत जरूरी होते हैं.
एक्सपर्ट का यह है कहना?
एक्सपर्ट का कहना है कि किडनी की बीमारी को साइलेंट किलर कहते हैं. शुरू में इनके लक्षण नहीं दिखते हैं. किडनी खराब होने की सबसे बड़ी वजह डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर हैं. शुरू में किडनी के खराब होने पर न दर्द महसूस नहीं होता है. इसी कारण से बीमारी की पहचान जांच के बिना मुश्किल होती है.
कहा होता है दर्द?
किडनी का दर्द कई बार उसकी जगह शरीर के अन्य हिस्सों में होता है. इसको रिफर्ड पेन कहते हैं. ट्यूमर या किडनी स्टोन की वजह से किडनी से ब्लैडर जाने वाली नली में जब रुकावट होती है. तब व्यक्ति को दर्द पीठ और पेट के निचले हिस्से या अन्य जगहों पर महसूस होता है. पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने के कारण लोग अकसर इसे मसल पेन समझ लेते हैं.
हालांकि, हर दर्द किडनी में होने वाली दिक्कतों की ओर संकेत नहीं देता है. आपको अन्य तकनीफ भी हो सकती है लेकिन अगर आपको बार-बार दर्द महसूस हो रहा है. तो इसे इग्नोर न करें. वरना दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
यह टेस्ट होते हैं करवाने
अगर आपको शक हैं तो आप अल्ट्रासाउंड करा सकते हैं. साथ ही पेशाब की जांच होने से भी किडनी की परेशानियों का आसानी से पता लगाया जा सकता है. इसके अलावा डॉक्टर आपके शरीर में लक्षण के आधार पर आपको टेस्ट बता देंगे. किसी भी तरीके के लक्षण दिखने पर उसे इग्नोर करना आपके लिए भारी पड़ सकता है.
यहां पर दी गई जानकारी विशेषज्ञ और रिसर्च पर है. किसी भी चीज की सलाह लेने से पहले डॉक्टरों की सलाह लें. इसको मेडिकल सलाह के रूप में न लें.
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