bangladesh election: बांग्लादेश चुनाव में BNP अलायंस को बढ़त दिख रही है, जबकि जमात-ए-इस्लामी का गठबंधन भारत विरोधी रुख रखता है. चुनाव के नतीजे दोनों देशों के रिश्तों और क्षेत्रीय राजनीति पर असर डाल सकते हैं.

bangladesh election: बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने जा रहे हैं. इस बार का मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच है. चुनाव से पहले किए गए सर्वे से संकेत मिल रहे हैं कि स्थिति बेहद प्रतिस्पर्धात्मक होगी और भारत के लिए कुछ चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं. इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी (IILD) के सर्वे के मुताबिक, BNP का नेतृत्व वाला अलायंस 44.1 प्रतिशत वोटों के साथ आगे है, जबकि जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन 43.9 प्रतिशत वोटों के करीब है.
सर्वे से यह भी पता चला है कि जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन 105 सीटें जीत सकता है, जबकि BNP का अलायंस 101 सीटों पर आगे रहेगा. कुल 75 सीटों पर कांटे की टक्कर होने की संभावना है. यही सीटें तय करेंगी कि बांग्लादेश में अगली सरकार किसकी बनेगी और कौन विपक्ष में रहेगा. इस प्रकार, चुनाव का परिणाम बहुत ही नाजुक और निर्णायक रहने वाला है.
बांग्लादेश की संसद में कुल 350 सीटें हैं. इनमें से 300 सीटें सीधे जनता के वोट से चुनी जाती हैं और 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. महिलाओं के लिए रिजर्व सीटों पर मतदान नहीं होता, बल्कि उन सीटों पर उन पार्टियों के अनुसार सदस्य मनोनीत होते हैं जिन्होंने 300 सामान्य सीटें जीती हैं. यह व्यवस्था महिलाओं को नीति निर्धारण में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देती और आम चुनाव में उनकी भागीदारी सीमित रहती है.
एक अन्य सर्वे, एमिनेंस एसोसिएट्स फॉर सोशल डेवलपमेंट (EASD) के अनुसार, BNP के नेतृत्व वाला अलायंस 208 सीटें जीतने की संभावना में है, जबकि जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन को केवल 46 सीटें मिल सकती हैं. इसके अलावा, जातीय पार्टियों को तीन सीटें, अन्य पार्टियों को चार और स्वतंत्र उम्मीदवारों को 17 सीटों की संभावना है. यह सर्वे भी BNP के अलायंस को बढ़त दिखा रहा है.
चुनाव के नतीजे भारत के लिए भी महत्वपूर्ण हैं. राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर BNP सत्ता में आती है, तो भारत के साथ रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर सकती है. वहीं, जमात-ए-इस्लामी साफ तौर पर भारत विरोधी रही है और नई छात्र पार्टी एनसीपी भी भारत के खिलाफ रुख रखती है. ऐसे में बांग्लादेश में आने वाली सरकार भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होगी.
यह भी पढ़ेंं: मुनीर से लिया टक्कर… पाकिस्तान में पूर्व आर्मी अधिकारी आदिल रजा आतंकी घोषित; बोले- मेरे लिए सम्मान की बात
