Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया में सक्रिय एक कथित “ड्रैकुला गैंग” नाबालिग बच्चों को धमकाकर उनका खून निकलवाता है और उसे बेच देता है. इस मामले को लेकर मोहल्ले में दहशत का माहौल है. यहां रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया है कि इलाके में सक्रिय एक कथित “ड्रैकुला गैंग” नाबालिग बच्चों को धमकाकर उनका खून निकलवाता है और उसे बेच देता है. इस पूरी घटना से इलाके के लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश है.
बच्चों से जबरन वसूली का आरोप
खबर के मुताबिक, मोहल्ले के पीड़ित बच्चों और उनके अभिभावकों ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के कार्यालय पहुंचकर शिकायत की. पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की. अभिभावकों का कहना है कि यह गैंग काफी समय से इलाके में सक्रिय है और बच्चों को अपना शिकार बना रहा है. मोहल्ले के लोगों के अनुसार, गैंग के सदस्य पहले बच्चों से पैसे मांगते हैं. जब बच्चे पैसे देने से मना कर देते हैं या उनके पास पैसे नहीं होते, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है.
यदि पैसे नहीं दे सकते तो अपना खून दे दो
आरोप है कि इसके बाद गैंग के लोग बच्चों से कहते हैं कि यदि पैसे नहीं दे सकते तो अपना खून दे दो, जिससे उन्हें पैसा मिल जाएगा. पीड़ितों का आरोप है कि गैंग के सदस्य असलहे के बल पर बच्चों को डराते हैं और जबरन उनका खून निकलवाते हैं. इसके बाद उस खून को बेच दिया जाता है.
सोनू घाट के केंद्र पर खून निकलवाने का आरोप
परिजनों का कहना है कि बच्चों ने उन्हें बताया कि उनका खून सदर कोतवाली क्षेत्र के सोनू घाट स्थित एक केंद्र पर निकलवाया गया था. जब बच्चों ने घर पहुंचकर यह बात अपने माता-पिता को बताई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. इस जानकारी के बाद मोहल्ले के लोग तुरंत एकत्रित हुए और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की. लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस ने शुरू की जांच
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
