haryana rajya sabha election 2026: हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के डर से कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को शिमला के एक होटल में शिफ्ट कर दिया है. भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध के बीच मुकाबला तब दिलचस्प हो गया जब निर्दलीय सतीश नंदल ने मैदान में उतरकर समीकरण बदल दिए.

haryana rajya sabha election 2026: हरियाणा में राज्यसभा के चुनाव से पहले राजनीति काफी गर्म हो गई है. मतदान सोलह मार्च को होना है. उससे पहले दलों के बीच हलचल तेज दिखाई दे रही है. कांग्रेस को डर है कि कहीं उसके कुछ विधायक मतदान के समय पक्ष बदलकर दूसरे उम्मीदवार को समर्थन न दे दें. इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है. कांग्रेस ने अपने विधायकों को हरियाणा से बाहर भेजने का फैसला किया है. इसके तहत पार्टी के विधायक हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला पहुंचाए गए हैं.
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के इकतीस विधायक और चार सांसद एक साथ शिमला पहुंचे हैं. ये सभी बसों और गाड़ियों के काफिले में चंडीगढ़ से रवाना हुए थे. शुरू में दो बसों और दो गाड़ियों से यात्रा शुरू हुई थी. बाद में सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए उन्हें तीन बसों और दो गाड़ियों में भेजा गया. शिमला पहुंचने के बाद सभी विधायकों को शहर के छराबड़ा इलाके में स्थित एक बड़े होटल में ठहराया गया है. बताया जा रहा है कि मतदान तक सभी विधायक यहीं रहेंगे.
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इस तरह सभी विधायकों को एक साथ रखने से दल के भीतर एकजुटता बनी रहेगी. पार्टी नहीं चाहती कि चुनाव से पहले किसी तरह की राजनीतिक जोड़तोड़ हो. इसलिए एहतियात के तौर पर यह व्यवस्था की गई है. योजना यह है कि मतदान वाले दिन सभी विधायक शिमला से चंडीगढ़ लौटेंगे और फिर विधानसभा में जाकर अपना मत देंगे. इस तरह पार्टी अपने मतों को सुरक्षित रखना चाहती है.
हरियाणा से इस बार राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हो रहा है. यह सीटें इसलिए खाली हुई हैं क्योंकि भाजपा के नेता किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. हरियाणा विधानसभा में कुल नब्बे सदस्य हैं. इनमें भाजपा के पास अड़तालीस विधायक हैं. इसलिए भाजपा का एक सीट जीतना लगभग तय माना जा रहा है. पार्टी ने अपने उम्मीदवार के रूप में पूर्व लोकसभा सांसद संजय भाटिया को मैदान में उतारा है.
वहीं कांग्रेस ने दलित चेहरे के रूप में कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस के पास सैंतीस विधायक हैं. सामान्य स्थिति में इतने मत राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त माने जाते हैं. लेकिन चुनाव में नया मोड़ तब आया जब निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदल भी मैदान में उतर आए. बताया जा रहा है कि उन्हें भाजपा और कुछ निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिल सकता है. इसी वजह से चुनाव का गणित थोड़ा जटिल हो गया है. इसी आशंका के कारण कांग्रेस ने अपने विधायकों को शिमला भेजने की रणनीति अपनाई है.
