अगले साल उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिसमें हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. चुनाव से 9 महीने पहले उत्तराखंड में धामी कैबिनेट का विस्तार हुआ है. जिसमें पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. इन नए मंत्रियों का राजनीतिक इतिहास लंबे संघर्ष, संगठनात्मक अनुभव और जनसेवा से जुड़ा है.
Who is Khajan Das: उत्तराखंड में धामी कैबिनेट का विस्तार हो गया है. जो नए मंत्री बने हैं, उनका राजनीतिक इतिहास लंबे संघर्ष, संगठनात्मक अनुभव और जनसेवा से जुड़ा हुआ है. ऐसे में जानिए खजान दास कौन हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर से कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफर तय किया है?
इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा है. उत्तराखंड में जो नए मंत्री बने हैं, उनमें खजान दास, भरत चौधरी, राम सिंह कैड़ा, मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा शामिल हैं. ये सभी नेता अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से आते हैं. आज हम बात करेंगे खजान दास की, जिनका राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ था.
अनुसूचित जाति वर्ग के नेता के रूप में एक बड़ा चेहरा
खजान दास देहरादून के राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने. वो बीजेपी में अनुसूचित जाति वर्ग के नेता के रूप में एक बड़ा चेहरा हैं. वह बीजेपी की पूर्ववर्ती सरकार में शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं. वो सालों तक पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में बूथ स्तर से संगठन को मजबूत करते रहे. खजान दास सामाजिक मुद्दों खासतौर पर वंचित वर्गों के अधिकारों को लेकर हमेशा सक्रिय रहे. यही वजह है कि उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाती रही है. 2017 में हुए चुनावों में खजान दास ने जीत हासिल की थी. उस वक्त खजान दास ने करीब 9 हजार वोटों से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार को हराया था.
कहां के रहने वाले हैं खजान दास
फिर 2022 के विधानसभा चुनाव में राजपुर रोड सीट पर ही खजान दास ने राजकुमार को और ज्यादा वोटों के अंतर से मात दी. दोनों के बीच जीत का अंतर करीब 11 हजार वोटों का था. जीत के बाद उन्होंने अपने क्षेत्र में सड़क, पेयजल और शहरी सुविधाओं के विकास पर फोकस किया. खजान दास देहरादून के रहने वाले हैं. उनके पिता सांता दास हैं. उन्होंने अपनी प्राथमिक स्कूलिंग के बाद पढ़ाई छोड़ दी. खजान दास सिर्फ कक्षा-8 तक ही स्कूल गए. वो हमेशा से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे. फिर अपने राजनीति सफर की शुरुआत की. लगातार दो बार विधायक बने. अब वो उत्तराखंड की धामी कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं.
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