गिद्धों की संख्या में कमी होने के कारण उन्हें विलुप्त प्रजाति में गिना जाता है. हालांकि, इसी बीच एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है. दरअसल, डीटीआर के बफर जोन के भीरा रेंज में 25 गिद्धों की संदिग्ध मौत की खबर सामने आ रही है. डीटीआर की उपनिदेशक ने बताया कि 25 लुप्तप्राय प्रजाति के गिद्ध बफर जोन के समराई खेत में मृत अवस्था में पाए गए है. मृत गिद्धों में ज्यादातर हिमालयन ग्रिफिन प्रजाति के हैं.
जांच के आदेश
डीटीआर मुख्य वन संरक्षक डॉ. एच. राजमोहन और क्षेत्रीय निदेशक के निर्देंश पर 25 गिद्धों की मौत के बाद में 2 मृत गिद्ध और बाकी के मृत गिद्धों के विसरा को जांच के लिए बरेली स्थित आईवीआरआई भेजा गया है. वहीं, 5 गिद्ध जो अचेत अवस्था में मिले हैं उन्हें तत्काल उपचार के लिए भेजा गया ताकि जल्द से जल्द से ठीक करके उन्हें छोड़ा जाए. 23 गिद्धों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था.
जहर का पता नहीं लग पाने में दिक्कत
हालांकि, पोस्टमार्टम में जो अवशेष मिले हैं, उनसे जहर का पता नहीं लग पाया है. आईवीआरआई में भेजे गए 2 गिद्धों की जांच के बाद ही मृत्यु के असली कारण का पता लग पाएगा. साथ ही जहर का विश्लेषण कर मृत्यु के सही कारणों का पता लग पाएगा.
कुत्तों के अवेशष कुछ ही दूरी पर
बताया जा रहा हैं कि उसी स्थान पर कुछ कुत्तों के अवशेष मिले हैं. संभावना जताई जा रही हैं कि उन कुत्तों ने कुछ जहरीला पदार्थ खाया या पीया हुआ था, जिसके बाद में गिद्धों ने भी उन मरे हुए कुत्तों को खाया और उनकी मौत हो गई. लुप्तप्राय प्रजाति का ऐसे मौत होना काफी चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है.
क्यों कमी आ रही गिद्धों की संख्या में
बता दें कि गिद्ध की संख्या में कमी होने के पीछे का सबसे मुख्य कारण लोगों का जानवरों को जहरीला खाना देने की वजह से हो रहा है. कई लोग गाय या कुत्तों को जहरीला खाना देते है या गाय-भैंस को जहरीली दवा देते है, जिसके कारण उनकी मौत हो जाती है. गिद्ध इन्हीं मृत जानवरों का सेवन करके अपना जीवनयापन करते हैं, लेकिन जब वह जहरीले खाने से होने वाले जानवरों के मौत को अपना खाना समझ के खाते हैं, तो इनकी भी उस खाने को खाकर मौत हो जाती है. बीते सालों से गिद्ध की मौत से लोग चिंता में है. इनकी संख्या में भारी गिरावट आई है.
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