इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पार्क और खेल मैदान में की जाने वाली व्यावसायिक प्रदर्शनी पर रोक लगा दी है. उन्होंने बांदा जिले में व्यावसायिक प्रदर्शनी की अनुमति देने वाले मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए बांदा विकास प्राधिकरण के सचिव को फटकार लगाई है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बच्चों के खेल के लिए आवंटित जमीन का व्यावसायिक उपयोग किसी भी तरीके से स्वीकार नहीं किया जाएगा.
क्या है मामला?
दरअसल, बांदा विकास प्राधिकरण ने राइफल क्लब प्लेग्राउंड में 10 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक व्यावसायिक प्रदर्शनी करने की अनुमति दी थी, जिसके विरोध में लल्लू खान और अन्य दो लोगों ने मिलकर 16 अप्रैल 2026 में जनहित याचिका दायर किया था. उसने इस निर्णय को चुनौती दी थी. इसके बाद में हाईकोर्ट ने बांदा विकास प्राधिकरण से पूछा कि आखिर कैसे भूमि को व्यावसायिक प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है. अदालत ने इस फैसले पर काफी गंभीर सवालों को उठाया.
सुनवाई के दौरान उन्होंने इस फैसले पर काफी असंतोष जताया. कोर्ट ने कहा कि व्यावसायिक प्रदर्शनी को बच्चों का मनोरंजन नाम देकर देकर कैसे करवाया जा सकता है. उन्होंने इस फैसले पर काफी गंभीर सवाल खड़े किए. इस फैसले को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है. किसी भी सार्वजनिक और बच्चों के खेल कूद के लिए आवंटित भूमि को व्यावसायिक लाभ उठाने के उद्देश्य से नहीं प्रयोग किया जा सकता है.
जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र और चीफ जस्टिस अरुण भंसाली की खंडपीठ ने प्राधिकरण से चार सप्ताह के अंदर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश जारी किया है. साथ ही कोर्ट ने खेल मैदान का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए की जाने पर सख्त कार्रवाई करने की बात की है. बच्चों के खेल मैदानों और उनका संरक्षण करने की दिशा में यह काफी अहम कदम माना जा रहा है.
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