मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के मथुरा में धार्मिक और राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है. आगामी 9 अगस्त को कुछ संतों द्वारा मथुरा में ‘कार सेवा’ करने और मस्जिद के गुंबद को लेकर दिए गए बयानों पर हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है. VHP के ब्रज प्रांत अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल ने मीडिया से साफ शब्दों में कहा है कि संगठन का संतों के इस व्यक्तिगत फैसले या आह्वान से कोई लेना-देना नहीं है.
‘अदालत में चल रहे मामले में ऐसी घटनाओं से बचें’
विहिप प्रांत अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत में संतों के इस कदम पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “संतों की अपनी लीला अलग होती है। वे आगे क्या करना चाह रहे हैं, उनकी इसके पीछे क्या भावना या मानसिकता है, इसकी पुख्ता जानकारी संगठन को नहीं है. लेकिन हमारा स्पष्ट मानना है कि जो मामला इस समय माननीय अदालत और न्याय प्रक्रिया के अंतर्गत विचाराधीन हो, उसमें इस तरह की घटनाएं या प्रयास नहीं किए जाने चाहिए। इससे निश्चित रूप से क्षेत्र का माहौल बिगड़ता है. भगवान उन्हें ऐसी प्रेरणा दें जिससे ब्रज क्षेत्र में अमन-चैन और भाईचारा बना रहे।”
‘राम जन्मभूमि का काम पूरा, अब कृष्ण जन्मभूमि के लिए समग्र समाज लगे’
इसके साथ ही विहिप के प्रांत अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों का पुरजोर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि का काम अब पूरी भव्यता के साथ संपन्न हो चुका है, इसलिए अब समस्त हिंदू समाज, संतों और सभी साधनों को पूरी व्यापकता और समग्रता के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे के लिए जुटना चाहिए।
कन्हैयालाल अग्रवाल ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा, “जिस तरह अयोध्या में रामलला भव्य और दिव्य रूप से अपने मूल स्थान पर विराजमान हुए हैं, ठीक उसी तरह भगवान श्रीकृष्ण भी मथुरा में अपने भव्य-दिव्य रूप में विराजे, यही हमारी कल्पना और सपना है. हमें पूरा विश्वास है कि यह सपना निश्चित रूप से साकार होगा।” विहिप ने इस बयान के जरिए साफ संकेत दे दिए हैं कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी तरह के टकराव के बजाय पूरी तरह कानूनी, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने के पक्ष में हैं ताकि सांप्रदायिक सौहार्द पर कोई आंच न आए.
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