आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद को मेरठ जाते समय पुलिस ने रास्ते में रोक लिया. इस दौरान चंद्रशेखर और पुलिस की नोकझोक भी हो गई. चंद्रशेखर ने मीडिया से भी बातचीत की है.

चंद्रशेखर को मेरठ जाने से रोका
मेरठ का ललिता गौतम हत्याकांड इन दिनों सुर्खियों में है. इस हत्याकांड पर राजनीति भी तेज है. आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद को मेरठ जाने के दौरान पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया. पुलिस ने आजाद को रूहाना टोल प्लाजा पर रोक दिया. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों के आदेश पर की गई है.
पुलिस से हुई नोकझोक
बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर आजाद मेरठ के टीपी नगर में हुई ललिता गौतम की हत्या के बाद पीड़ित परिवार और कलेक्ट्रेट प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रताड़ना का शिकार हुए लोगों से मिलने के लिए मेरठ जा रहे थे. इसी दौरान रूहाना टोल प्लाजा पर इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह ने उन्हें रोक लिया. इस दौरान कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर गाली देने की बात पर आजाद नाराज हो गई और उनकी पुलिस से नोकझोक हो गई.
समर्थकों ने शुरू की नारेबाजी
टोल प्लाजा पर रोके जाने पर चंद्रशेखर गाड़ी से नीचे उतर कर इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह के ऊपर बिफर पड़े. उन्होंने इंस्पेक्टर से कहा कि वे कर्मचारी हैं, मालिक नहीं और यह लोकतंत्र है. इस दौरान इंस्पेक्टर ने कहा कि वे अधिकारियों के आदेश पर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, तो चंद्रशेखर उनके समर्थकों को गाली देने की बात पर आपत्ति जताने लगे. इस दौरान उनके समर्थकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी.
एसएसपी पर भी साधा निशाना
विवाद के शांत होने के बाद चंद्रशेखर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे चोरी-छिपे मेरठ नहीं जा रहे हैं. इस दौरान उन्होंने मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे का नाम लिए बिना कहा कि जब इतने बड़े पद पर बैठा अधिकारी इस तरह का अमर्यादित व्यवहार करेगा, तो जनता के मन में डर पैदा हो ही जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर नारेबाजी से डरकर अधिकारी थप्पड़ मार रहे हैं, तो कल को वो गोली भी चला सकते हैं. उन्होंने कहा कि वे मेरठ जाकर डीएम और एसएसपी से मिलकर इस व्यवहार का कारण पूछेंगे.
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