बिहार के भागलपुर में मिड डे मील में बच्चों को भरोसे जा रहे हैं भोजन में मरी हुई छिपकली की पूछ मिली. इस घटना के बाद करीब बारह बच्चों की तबीयत ख़राब हो गई. इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है और उन्होंने भोजन आपूर्ति एजेंसी के ट्रांसपोर्टर का घेराव किया.
बिहार के भागलपुर जिले से एक हैरान कर देने आ मामला सामने आया है. यहां मिड डे मील योजना की एक बेहद लापरवाही भरी और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक़ सुल्तानगंज के कटहरा पंचायत स्थित प्राइमरी स्कूल आजाद नगर पनसल्ला में शुक्रवार को परोसे गए खाने में मरी हुई छिपकली की पूंछ मिली. इस जहरीले खाने को खाते ही लगभग 12 मासूम बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई.
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
बताया जा रहा है कि बच्चों को पेट में तेज दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं होने लगीं, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए और बदइंतजामी को लेकर जमकर नाराजगी जताई.
अस्पताल पहुंचाए बच्चे
घटना के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रतीक राज तुरंत स्कूल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली. इसके बाद सभी बीमार बच्चों को आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया. गनीमत रही कि समय पर अस्पताल पहुंचने से सभी बच्चों की जान खतरे से बाहर आ गई है.
एजेंसी के ट्रांसपोर्टर को घेरा
अस्पताल परिसर में गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने भोजन आपूर्ति करने वाली एजेंसी के ट्रांसपोर्टर को घेर लिया. ग्रामीणों ने एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. स्थानीय महिलाओं ने रोष जताते हुए आरोप लगाया कि इस एजेंसी द्वारा पहले भी खराब भोजन की आपूर्ति की जाती रही है और करीब चार महीने पहले भी इसी तरह की लापरवाही मिलने पर ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप भोजन को तालाब में फेंक दिया था.
रसोइया ने लगाया आरोप
ट्रांसपोर्टर और एजेंसी के प्रखंड प्रभारी ने कहा कि भोजन पूरी जांच और पैकिंग के बाद भेजा जाता है, इसलिए छिपकली कहां से आई इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. भोजन परोसने वाली रसोइया बबीता देवी ने पूरी घटना का खुलासा करते हुए बताया कि शुक्रवार को मेनू के मुताबिक, एजेंसी की तरफ से आलू-चना की सब्जी और चावल आए थे. जब वह बच्चों को चावल परोस रही थीं, तभी कुछ बच्चों ने थाली में मरी हुई छिपकली देखकर शोर मचाया. उन्होंने बताया कि तब तक कुछ बच्चे उस दूषित भोजन को खा चुके थे, जिन्हें कुछ ही देर में उल्टियां होने लगीं.
बीडीओ ने दिया निर्देश
बीडीओ ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि मामले की गहन जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, बीडीओ ने रसोइयों को यह भी निर्देश दिया है कि बच्चों को खाना परोसने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच जरूर कर ली जाए.
