दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार का 1 साल पूरा हो गया है. अब तक दिल्ली में सरकार ने कई वादों को पूरा किया है, तो वहीं कुछ वादे अभी भी अधूरे हैं. रिपोर्ट में जानें कि चुनाव के दौरान किए गए वादों में से कितने वादों को पूरा किया जा चुका है और कितने वादे अभी भी पेंडिंग में हैं.
128 पेजों का था चुनावी घोषणा पत्र
राजधानी दिल्ली में बीजेपी सरकार 27 सालों बाद सत्ता में लौटी है. बीजेपी सरकार के सत्ता में लौटे 1 साल पूरा हो गया है. बीजेपी ने चुनाव के दौरान जनता से कई वादे किए थे. आपको बता दें कि बीजेपी ने 128 पेजों का चुनावी घोषणा पत्र निकाला था, जिसमें मुफ्त बिजली-पानी और यमुना की सफाई जैसे कई वादे किए गए थे. अब दिल्ली में भाजपा सरकार को एक साल पूरा हो गया है और लोग उनके द्वारा किए गए वादों और कामों के का आकलन करने लगे हैं.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने कार्यकाल में कई वादों को पूरा करने के लिए कदम बढ़ाया है, तो वहीं कुछ वादे अभी भी ऐसे हैं, जो जमीनी हकीकत का इंतजार कर रहे हैं. आइए आपको बताते हैं, कि रेखा गुप्ता द्वारा किए गए कौनसे वादों को पूरा किया गया है और कौनसे वादे अधूरे रह गए हैं-
फ्री बिजली और मोहल्ला क्लीनिक
दिल्ली की जनता को फ्री बिजली और पानी देने का काम अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार ने किया था, जिसे बीजेपी ने भी बनाए रखा. उन्होंने अपने घोषणा पत्र में भी कहा थी कि इस सुविधा को बरकरार रखा जाएगा. दिल्ली में केजरीवाल सरकार के दौरान मोहल्ला क्लीनिक की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस व्यवस्था को रेखा गुप्ता सरकार ने खत्म कर दिया. सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने उसकी जगह पर 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का ऐलान किया है. सरकार ने एक साल में 370 आरोग्य मंदिरों को बनाया है. इनमें डॉक्टर से सलाह और इलाज जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं.
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आयुष्मान भारत स्कीम
रेखा गुप्ता सरकार ने पहली कैबिनेट मीटिंग में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत स्कीम को लागू करने की मंजूरी दे दी थी. जिसके तहत दिल्ली में इलाज के लिए लाभार्थियों को 10 लाख रुपए तक का फ्री इलाज दिया गया है. जानकारी के मुताबिक दिल्ली में लगभग 6.7 लाख आयुष्मान हेल्थ कार्ड जारी हुए हैं. जिसके तहत 10 लाख रुपए तक का इलाज फ्री में कराया जा सकता है.
दिल्ली में भाजपा सरकार आने के बाद में यहां आयुष्मान वय वंदना योजना को लागू किया गया है. इस योजना के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को मुफ्त इलाज दिया जाता है. इस योजना में भी 10 लाख रुपए तक का फ्री इलाज मिलता है और इसे साथ में फ्री आउटपेशेंट और डायग्नोस्टिक सर्विस भी मिलती है.
अटल कैंटीन
दिल्ली में गरीब लोगों को खाना खिलाने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने सत्ता में आने के बाद में अटल कैटीन की शुरुआत की थी. इस कैंटीन की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती पर गरीबों को खाना देने के लिए शुरू किया गया. दिल्ली में अभी तक लगभग 71 कैंटीनों को खोला जा चुका है.
मुख्यमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना
दिल्ली में बीजेपी सरकार ने मुख्यमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना की शुरुआत भी की है. इस योजना के तहत 83,700 से ज्यादा वेरिफिकेशन रजिस्टर हुए हैं. बीजेपी ने चुनाव के दौरान गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपए और 6 न्यूट्रिशन किट देने के लिए वादा किया था. इस योजना के तहत सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली महिलाओं 31.68 करोड़ रुपए दिए हैं.
साल में 2 फ्री सिलेंडर
बीजेपी सरकार ने चुनाव में गरीब महिलाओं को एक साल में 2 बार फ्री LPG सिलेंडर देने का वादा किया था. सरकार ने होली और दीवाली पर गरीब महिलाओं के लिए फ्री सिलेंडर देने के लिए बोला था, इसी के साथ में यह भी कहा था कि महिलाओं को 500 रुपए में गैस सिलेंडर दिए जाएंगे. रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने के बाद में इस योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना को राज्य में होली से लागू करने की बात हो रही है. आपको बता दें कि दिल्ली में राशन कार्ड वाले परिवारों को हर साल 2 सिलेंडरों की कीमत के बराबर वित्तीय मदद दी जाएगी.
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महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए
बीजेपी ने चुनाव के दौरान वादा किया था, कि महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए का फायदा दिया जाएगा. दिल्ली में इसे लेकर महिला समृद्धि योजना शुरू करने के लिए कहा गया था. रेखा गुप्ता सरकार की कैबिनेट की बैठक में इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपए की मंजूरी भी मिली थी. अब एलिजिविलिटी और क्राइटेरिया को तय करने के लिए 3 मंत्रियों की एक कमेटी भी बनाई गई है. एक साल पूरा होने के बाद भी इस योजना को शुरू नहीं किया गया है.
बुजुर्गों की पेंशन में बढ़ोत्तरी
भाजपा ने चुनाव के दौरान बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाने का वादा भी किया था. दिल्ली में 60 साल से 79 साल तक के बुजुर्गों को हर महीने 2000 रुपए की पेंशन मिलती है. जिसे बढ़ाकर 2500 रुपए करने का सरकार ने वादा किया था. इसी के साथ में 70 साल से ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों और विधवाओं के साथ बेसहारा लोगों और दिव्यांगों के लिए 2,500 से बढ़ाकर 3 हजार रुपए करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक इस योजना को शुरू नहीं किया जा सका है.
लाडली योजना रकम की फिर से बहाली
रेखा सरकार ने चुनाव के दौरान ऐलान किया था कि लाडली योजना के तहत रोकी गई रकम को सत्ता में आने के बाद ही गरीब परिवारों की छात्राओं को जारी कर दी जाएगी. जानकारी के मुताबिक कुछ पैसा आने वाले दिनों में जारी होने की उम्मीद है, लेकिन इस योजना को रेखा सरकार ने अब दिल्ली लखपति बिटिया योजना में बदल दिया है. इसके तहत हर साल मिलने वाली रकम 36 हजार रुपए से बढ़कर 56 हजार रुपए हो गई है. फिलहाल अभी तक इसे शुरू नहीं किया जा सका है.
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यमुना की सफाई
बीजेपी ने चुनाव के दौरान दिल्ली में यमुना सफाई का वादा भी किया था. बीजेपी ने इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी को सियासी घेरे में खड़ा किया था. भारत सरकार ने यमुना की सफाई के लिए यमुना मास्टर प्लान के तहत तीन साल के कार्यक्रम की शुरूआत कर दी है. इस प्लान के तहत 4 चरणों की रणनीति लागू होनी है. जिसमें पहेल चरण में नदी से कचरा और तलछट साफ करना, नालों की सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट के मौजूदा प्लांटों (STPs) का पूरी क्षमता से इस्तेमाल करना शामिल किया गया है. यमुना को साफ करने के लिए काम शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक पूरी तरह से यमुना साफ नहीं हो सकी है.
वायु प्रदूषण की समस्या
दिल्ली में रेखा सरकार के आगे सबसे बड़ी समस्या वायु प्रदूषण थी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कई बार कहा कि वायु प्रदूषण विरासत में मिली हुई समस्या है, जिसे तुरंत खत्म करना आसान नहीं है. उन्होंने कहा है कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि दिल्ली को बेहतर और स्वस्थ बनाने की बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि इसे लॉन्ग टर्म योजनाओं से ही संभव किया जा सकता है.
दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने DEVI की शुरुआत की थी. इसके तहत 9 मीटर वाली छोटी बसों को शुरू किया गया था. इन बसों को उन इलाकों में दौड़ाना उद्देश्य है, जहां बड़ी बसें नहीं पहुंच पाती हैं. हालांकि इसके बावजूद भी दिल्ली में प्रदूषण जैसी समस्या को खत्म नहीं किया जा सका है. सरकार का कहना है कि दिल्ली में कई समस्याएं हमें पिछली सरकारों से विरासत में मिली हैं, जिसे खत्म करने में थोड़ा समय लगेगा.
