Bengal chunav 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग है. लोगों की काफी ज्यादा भीड़ मतदान केंद्र पर देखने को मिली. वहीं, 23 अप्रैल को पहले और दूसरे चरण के मतदान 29 अप्रैल के होगी. दोनों दिन पर पश्चिम बंगाल में अवकाश की घोषणा की गई है. हालांकि, पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाला जाएगा. तो वहीं, तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाला जाएगा. 234 विधानसभा सीटों पर आज तमिलनाहु पर वोटिंग की जा रही है. SIR में कटे वोटों के बाद में यह पहला चुनाव है.
वहीं, इस बीच देखना यह हैं कि कौन सी पार्टी सत्ता में आती है. हालांकि, इस बार चुनाव प्रचार में कई चीजों में उथल पुथल देखने को मिली है. टीएमसी और बीजेपी के बीच चल रही चुनावी लड़ाई में कई मुद्दों के विषय बने हैं. इनमें सबसे ज्यादा जिस मुद्दे की चर्चा हुई थी, वह माछ भात और महिला आरक्षण बिल पर हुई थी. दरअसल, टीमएमसी ने बंगाल चुनाव के समय में लोगों के बीच में एक नैरिटिव सेट किया था, जिसमें कहा गया था कि अगर टीएमसी सत्ता में आई तो बंगाल के लोगों के खान पान में कई पांबदी देखने को मिलेगी. पार्टी का कहना था टीएमसी बीजेपी पर एक शाकाहारी संस्कृति थोपने की कोशिश करेगी.
हालांकि, ममता बनर्जी के इसी फूड पॉलिटिक्स का सहारा बीजेपी ने लिया. दरअसल, पार्टी के कई नेता बंगाल चुनाव के समय में माछ-भात खाते दिखाई दिए. अनुराग ठाकुर से लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन बंगाल के चुनावी प्रचार के समय मछली खाते दिखाई दिए. बिधाननगर से खड़े उम्मीदवार हाथ में 5 किलो की ‘कातला’ मछली लेकर भी घूमते दिखाई दिए. वहीं, सुभेंदु अधिकारी भी माछ भात खाते दिखाई दिए.
मामला तब गरमाते हुए दिखाई दिया, जब अनुराग ठाकुर मछली खाते हुए दिखाई दिए. बता दें कि बीजेपी के उम्मीदवारों का टीएमसी को जवाबी कार्रवाई में मछली भात खाते देखना, काफी सही चल रहा था. लोगों और विपक्ष के कई नेताओं ने लेकिन उनकी कई बातों को पकड़ उनके और पार्टी के डबल स्टैंटर्स को दिखाया. दरअसल, अनुराग ठाकुर, जिस दिन मछली खाते दिखाई दिए, उस दिन उन्होंने भगवा रंग का कपड़ा और माथे पर तिलक लगाया हुआ था. साथ ही दिन भी मंगलवार का था.
जैसे ही विपक्ष ने और लोगों ने उनकी बातों को पकड़ा, मामला गरमाता होते दिखाई दिया. ट्वीटर से लेकर विपक्षी दल के बड़े-बड़े नेता मामले पर चुटकी लेते हुए दिखाई दिए. इसी बीच कई लोगों का कहना हैं कि चुनाव पर इसका असर देखने को मिल सकता है. संभावना जताई जा रही हैं कि विपक्ष इसका फायदा उठा सकते हैं.
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