भारत अपनी सैन्य ताकतों को लगातार मजबूत कर रहा है. जिसको लेकर देश में नई तकनीकों के साथ में स्वदेशी रूप से हथियारों और सैन्य उपकरणों का निर्माण होता रहता है. भारत की सैन्य ताकत समंदर से लेकर आसमान तक लगातार बढ़ रही है. अब भारतीय नौसेना की S4* पनडुब्बी का परीक्षण शुरू हो गया है.
भारत की बढ़ रही समुद्री ताकत
भारत अपनी रक्षा शक्तियों को लगातार ताकतवर बना रहा है. भारत की अब समुद्र ताकत में काफी मजबूती आने जा रही है. भारत की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली चौथी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी S4* के समुद्री परीक्षण को शुरू कर दिया गया है. कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो इस पनडुब्बी को पिछले हफ्ते विशाखापट्टनम स्थित शिपबिल्डिंग सेंटर SBC से समंदर में उतारा गया है.
भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
भारत की इस पनडुब्बी को देश की सुरक्षा के लिए काफी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय नौसेना की यह पनडुब्बी लगभग 7,000 टन वजनीली है. यह पनडुब्बी अरिहंत श्रेणी की आखिरी पनडुब्बी है और इसे समंदर में जरूरत पड़ने पर परमाणु जवाब देने की क्षमता को और ज्यादा मजबूत करने के उद्देश्य के साथ में बनाया गया है. इस पनडुब्बी की मदद से भारतीय नौसेना की ताकत समंदर में और ज्यादा मजबूत हो जाएगी.
क्या हैं इस पनडुब्बी की खासियतें?
भारतीय नौसेना में शामिल होने जा रही S4* पनडुब्बी बेहद खास है. इस पनडुब्बी में कई खासियतें मौजूद हैं. S4* पनडुब्बी में 8 K-4 मिसाइलों को तैनात किया जा सकता है. इनकी रेंज लगभग 3,500 किमी से भी ज्यादा की बताई जा रही है. इन मिसाइलों की मदद से भारत लंबी दूरी के टारगेटों के ऊपर भी हमला करने में सक्षम हो जाएगा. इस पनडुब्बी को बनाते समय में इसमें लगभग 80% से ज्यादा स्वदेशी मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है. इस पनडुब्बी को भारत की अरिहंत क्लास की सभी पनडुब्बियों में सबसे ज्यादा स्वेदशी माना जा रहा है. इस पनडुब्बी का निर्माण आत्मनिर्भर भारत को भी एक नई दिशा और मजबूती देता है.
कब तक हो सकती नौसेना में शामिल?
भारत की स्वदेशी S4* पनडुब्बी का परीक्षण शुरू हो गया है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पनडुब्बी के परीक्षण लगभग 1 साल से 2 सालों तक चल सकते हैं. अगर इस पनडुब्बी के सभी परीक्षण सफल रहते हैं, तो इसे साल 2027 या 2028 तक भारतीय नौसेना में शामिल किया जा सकता है. फिलहाल अभी तक इस पनडुब्बी का नाम तय नहीं किया गया है. ज्यादातर नामों को परीक्षण पूरा होने के बाद में रखा जाता है.
कैसे होगा पनडुब्बी का परीक्षण?
भारत की स्वदेशी S4* पनडुब्बी का परीक्षण शुरू हो गया है. इस पनडुब्बी के परीक्षणों में कई चीजें शामिल होंगी. इसका परीक्षण करते समय इसके रिएक्टर की जांच, पानी के अंदर हथियारों का परीक्षण और सिस्टम की सुरक्षा जांचने के साथ में इंजन की क्षमता और विश्वसनीयता का परीक्षण किया जाएगा. इस पनडुब्बी के शामिल होने के बाद में भारत की सैन्य ताकत और भी मजबूत हो जाएगी.
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