indore fire accident: इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से एक घर में भीषण आग लग गई, जिसमें कारोबारी और उनकी गर्भवती बहू समेत कई लोगों की मौत हो गई. बिजली कटने के कारण घर के ‘डिजिटल लॉक’ जाम हो गए, जिससे परिवार अंदर ही फंस गया और उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिला.

indore fire accident: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया. ब्रजेश्वरी एनेक्स का तीन मंजिला घर, जो कुछ समय पहले तक खुशियों से भरा था, अब राख में बदल गया. कारोबारी मनोज पुगालिया के घर में खुशी का माहौल था. उनकी बहू सिमरन 8 महीने की गर्भवती थी. घर में मेहमान भी आए हुए थे. सभी लोग आने वाले बच्चे के स्वागत की तैयारी में लगे थे. लेकिन एक ही रात में सब कुछ खत्म हो गया.
बताया जा रहा है कि देर रात घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्ज हो रही थी. इसी दौरान करीब 3:30 से 4:30 बजे के बीच चार्जिंग पॉइंट पर स्पार्क हुआ. शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. पहले कार में आग लगी. फिर तेजी से आग पूरे घर में फैल गई. कुछ ही मिनटों में लपटें ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गईं. आग इतनी तेज थी कि घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर भी फटने लगे. एसी के कंप्रेसर में भी धमाके हुए. तेज आवाज से पूरा इलाका दहल गया.
हादसे के समय घर में कई लोग मौजूद थे. बिहार से आए रिश्तेदार भी वहीं ठहरे हुए थे. इनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे. आग फैलने के बाद लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की. लेकिन घर में लगे डिजिटल लॉक बड़ी मुसीबत बन गए. बिजली जाते ही ये लॉक जाम हो गए. दरवाजे नहीं खुल सके. ऊपर जाने का रास्ता भी बंद था. लोग अंदर ही फंस गए. चीखते रहे, दरवाजे पीटते रहे, लेकिन बाहर नहीं निकल पाए.
पड़ोसियों ने किसी तरह बचाव की कोशिश की. सीढ़ियां और मेज लगाकर कुछ लोगों को बाहर निकाला गया. मनोज पुगालिया की पत्नी और उनके तीन बेटों को बचा लिया गया. लेकिन बाकी लोग नहीं बच सके. इस हादसे में मनोज पुगालिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन और कई रिश्तेदारों की मौत हो गई. सबसे ज्यादा दुखद बात यह रही कि सिमरन के साथ उसके गर्भ में पल रहा बच्चा भी दुनिया देखने से पहले ही चला गया.
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है. मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया गया है. राज्य सरकार ने भी जांच के आदेश दिए हैं. यह हादसा कई सवाल खड़े कर रहा है. क्या इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग पूरी तरह सुरक्षित है. क्या डिजिटल लॉक जैसे सिस्टम आपात स्थिति में खतरा बन सकते हैं. यह घटना लोगों को सावधान रहने का बड़ा संदेश दे रही है.
